Gadchiroli News: ई-फसल पंजीयन से किसानों ने मोड़ा मुंह, केवल 40 फीसदी पंजीयन

E-Fasal Scheme: ई-फसल निरीक्षण ऐप में विभिन्न जटिल शर्त होने के कारण किसानों का अल्प प्रतिसाद मिल रहा है। अब तक केवल 40 फीसदी किसानों ने ही ई-फसल पंजीयन करने की जानकारी मिली है।
ई-फसल पंजीयन से किसानों ने मोड़ा मुंह, केवल 40 फीसदी पंजीयन
ई-फसल पंजीयन से किसानों ने मोड़ा मुंह, केवल 40 फीसदी पंजीयन (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Gadchiroli District: खरीफ फसल का पंजीयन करने के लिए राज्य सरकार ने ई-फसल निरीक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। किसानों के मोबाइल एप द्वारा खरीफ फसल का पंजीयन करना बंधनकारक है। लेकिन ई-फसल निरीक्षण ऐप में विभिन्न जटिल शर्त होने के कारण किसानों का अल्प प्रतिसाद मिल रहा है। अब तक केवल 40 फीसदी किसानों ने ही ई-फसल पंजीयन करने की जानकारी मिली है। राज्य के किसानों को अपने फसल बुआई का अधिकार देने संदर्भ में ई-फसल निरीक्षण उपक्रम शुरू है। लेकिन दूसरी ओर जिले में सर्वर डाउन होने के कारण ऐप काम नहीं करते दिखाई दे रहा है। जिले में खरीफ सत्र में धान, कपास, सोयाबीन, तुअर और अन्य फसलों का उत्पादन लिया जाता है।

लेकिन इनका पंजीयन ऑनलाइन व सातबारह में नहीं दिखाई दे रहा है। ई-फसल निरीक्षण एंड्राइड मोबाइल की मदद से ऐप द्वारा करनी पड़ती है। लेकिन यह पंजीयन करते समय नेटवर्क, डाटा जरूरी होता है। स्मार्टफोन अनेक किसानों के पास नहीं है। जिससे ग्रामीण परिसर में पंजीयन को अल्प प्रतिसाद मिल रहा है। अनेक किसानों ने अपने मोबाइल में ऐप डाउनलोड किया है। उनका खाता क्रमांक और 4 आंकड़े वाला पासवर्ड है। यह खाता क्रमांक और पासवर्ड दर्ज करने के बाद एप शुरू होकर फसल संदर्भ में कार्रवाई शुरू होती है।

फसल बीमा और ई-फसल योजना में जटिल शर्त

लेकिन ऐप पासवर्ड दर्ज करने के बाद भी काम नहीं कर रहा है। इस संदर्भ में किसानों द्वारा शिकायत की जा रही है। अब तक चामोर्शी तहसील में काफी कम किसानों ने फसल की मोबाइल द्वारा ई-फसल पंजीयन किया है। पंजीयन के लिए किसानों को 31 अगस्त की अवधि दी गई थी। लेकिन अब उक्त अवधि बढ़ाकर 15 सितंबर की गई है। अंतिम अवधि तक जो किसान ऐप पर पंजीयन नहीं करेंगे, ऐसे किसानों को नैसर्गिक आपदा से होने वाले नुकसान का मुआवजा देने के लिए अपात्र घोषित किया जाएगा, ऐसी बात प्रशासन ने कही है।

प्रत्येक गांवों में करें सहायता की नियुक्ति

अनेक किसानों के पास स्मार्टफोन नहीं है। जिसके पास स्मार्टफोन है ऐप पर काम करते समय अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले को गंभीरता से लेकर सरकार ने ई-फसल सहायक की नियुक्ति करने का आदेश दिया था। जिसके अनुसार प्रत्येक गांव में एक अथवा दो सहायक की नियुक्ति करना आवश्यक था। लेकिन चामोर्शी तहसील में 5 से 6 गांवों के लिए एक सहायक की नियुक्ति की गई है। जिसके कारण सहायकों को भी काम करते समय अनेक परेशानियां झेलनी पड़ रही है। जिससे सरकार प्रत्येक गांव में पटवारी, कोतवाल समेत 1 से 2 सुशिक्षित बेरोजगार युवाओं को ई-फसल निरीक्षण सहायक के रूप में नियुक्ति कर उन्हें काम का मुआजवा नियमित देने की मांग की जा रही है।

किसानों को अड़चनों का सामना करना पड़ रहा

वाकडी नवीन के किसान नामदेव बारसागडे ने बताया कि मेरे पास स्मार्टफोन नहीं है। दूसरे से मोबाइल मांगकर खेत में ई-फसल पंजीयन करने के लिए जाने पर वहां पर नेटवर्क की समस्या निर्माण हो गयी। वहीं नेटवर्क आने के बाद भी ई-फसल ऐप उचित तरीके से काम नहीं कर पाता है। जिसका खामियाजा काफी समय प्रतीक्षा करनी पड़ती है। ऐप के नये जटिल शर्त के कारण ऐप समझना मुश्किल हो गया है। ऑनलाइन फसल पंजीयन कर देने वाले सहयोगी भी त्रस्त हो गये है। जिससे ई-फसल पंजीयन करा देने के लिए कोई तैयार नहीं हो रहा है। जिससे मेरे जैसे अनेक किसानों को अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है।

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