गडचिरोली के कोरची में फर्जी शिक्षक का भंडाफोड़, अभिभावकों ने की कार्रवाई की मांग
- Written By: किर्तेश ढोबले
- कोरची तहसील के चरवीदंड स्कूल के शिक्षक का कारनामा
- स्वयं स्कूल से रहते निरंतर गायब
कोरची. शिक्षा के माध्यम से बच्चों का जीवनस्तर सुधरे, इस उद्देश से सरकार द्वारा ग्रामीण अंचल में जिला परिषद के मार्फत सरकारी स्कूले चलाई जा रही है. जिससे इन स्कूलों में बच्चों को विद्यादान देने के लिए शिक्षकों की नियुक्ती की है. लेकिन जिले के दुर्गम क्षेत्र में शिक्षा के नाम पर फर्जीवाडा होता नजर आ रहा है. ऐसा की एक मामला कोरची तहसील के दुर्गम चरवीदंड स्कूल में सामने आया है.
इस स्कूल में कार्यरत शिक्षक द्वारा अपने स्थान पर 1 हजार 500 रूपये के मेहनताने पर एक फर्जी शिक्षक की नियुक्ती कर स्कूली बच्चों को पढाने के लिए रखा है, वहीं स्वयं स्कूल से निरंतर गायब रहता है. शिक्षा जैसे पवित्र पेशे का मजाक उडानेवाला यह मामला सामने आया है. शिक्षक के निरंतर गायब रहने के चलते अभिभावकों में व्यापक रोष है. संबंधित शिक्षक पर कार्रवाई करने की मांग अभिभावकों द्वारा की जा रही है.
कोरची तहसील मुख्यालय से 19 किमी दूरी पर चरवीदंड गांव बसा है. गांव परिसर के बच्चों को शिक्षा मिले, इसलिए कक्षा 1 से 5 वीं तक की जिला परिषद प्राथमिक स्कूल यहां निर्माण की गई है. इस स्कूल में परिसर के 16 विद्यार्थी शिक्षारत है. यहां पर सुशील आडीकने नामक शिक्षक की नियुक्ती की गई है. लेकिन यहां के कार्यरत शिक्षक यह अक्सर स्कूल से अनुपस्थित रहते है. उन्होने अपने बदले में बच्चों को पढाने के लिए 1 हजार 500 रूपये के मासिक मेहनताने गांव की 12 वीं पढाई की एक युवति को शिक्षिका के रूप में रखा है.
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वह फर्जी शिक्षिका बच्चों को पढा रही है. लेकिन वे स्वयं निरंतर स्कूल से अनुपस्थित रहते है. जिससे बच्चों के शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर अनेक सवाल उठ रहे है. छात्रों के भविष्य को लेकर अभिभावकों में चिंता सता रही है. वहीं शिक्षक के प्रति रोष व्यक्त हो रहा है. संबंधित शिक्षक पर कार्रवाई करने की मांग अभिभावकों द्वारा की जा रही है.
सप्ताह में एक, दो बार देते है भेट
आदिवासी बहुल क्षेत्र होनेवाले चरवीदंड के जिला परिषद प्राथमिक स्कूल में फर्जी शिक्षिका द्वारा अध्यापन का कार्य कराया जा रहा है. लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं है. नवभारत प्रतिनिधि द्वारा स्कूल में भेट देने पर यह मामला उजागर हुआ है. संबंधित शिक्षक द्वारा सप्ताह में एक या दो बार ही स्कूल में उपस्थित रहते है. अन्य दिन वे गायब ही नजर आते है. ऐसा अभिभावकों का कहना है.
इससे पूर्व भी हुए ऐसे मामले
कोरची तहसील में यह पहला मामला नहीं है. इससे पूर्व भी ऐसा कारनामा कुछ वर्ष पूर्व कोरची तहसील के बोटेझरी में हो चुका है. इस दौरान वहां के स्कूल में कार्यरत 2 शिक्षकों ने एक चारवाहे को 2 हजार रूपये के मेहनताने पर बच्चों को पढाने के लिए रखा था. उस समय मामला उजागर होने के बाद जिप के तत्काल मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय राठोड ने दोनों शिक्षकों को निलंबित किया था. लेकिन अब उक्त शिक्षक पर क्या कार्रवाई होगी, इस ओर सभी का ध्यान लगा हुआ है.
बॉक्स हेतु…
उक्त मामले की जांच कर कार्रवाई करने की बात जिप के शिक्षणाधिकारी विवेक नाकाडे ने दी है.
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8 जीजीपी 23- रस्सी की सहायता से बचाते हुए
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ए. रविंद्र मोगीलवार
