

गडचिरोली. दो वर्ष पहले ओडिसा राज्य से जिले में प्रवेश करते हुए जंगली हाथियों ने जिले के उत्तर व पुर्वी क्षेत्र में उत्पात मचाया था. जिले के उत्तर दिशा में बसे कोरची तहसीली के पुराडा वनपरिक्षेत्रातील दादापूर गांव में सोमवार की रात झुंड के एक हाथी ने उत्पात मचाया है. उक्त हाथी ने एक व्यक्ति के घर की तोडफोड कर धान को अस्त-व्यस्त कर दिया. जिससे दादापुर गांव समेत परिसर के नागरिकों में दहशत का वातावरण निर्माण हो गया है.
ओडिसा राज्य से छत्तीसगड होते हुए जिले में दाखिल हुए जंगली हाथियों के झुंड ने धानोरा, कुरखेडा, आरमोरी, देसाईगंज तहसील के ग्रामीण क्षेत्र में काफी उत्पात मचाया है. घरों की तोडफोड और फसलों की नुकसान करने से किसान वर्ग त्रस्त हो गये है. इन जंगली हाथियों के उत्पात के सामने वनविभाग भी हतबल हो गया है. ऐसे में सोमवार की रात 9.30 बजे करीब छत्तीसगढ की सीमा से कुरखेडा तहसील के पुराडा वनपरिक्षेत्र के दादापूर इस गांव में एक नर हाथी ने प्रवेश कर रात भी उत्पात मचाया.
इस हाथी ने दादापुर निवासी युवराज कोचे के मालिकाना घर की तोडफोड करते हुए घर में रखे धान को अस्त-व्यस्त कर दिया. जिसमें कोचे का भारी नुकसान हुआ है. घर में हाथी को देख भयभित हुआ कोचे परिवार अपना घर छोड गांव की दिशा में भाग खडा हुआ. जिसके कारण किसी भी तरह की जिवित हानि नहीं हुई.
इधर घटना की जानकारी मिलते ही पुराडा के वनपरिक्षेत्रािधकारी बालाजी डिगोले नेतृत्व में हाथी संनियत्रण पथक घटनास्थल पर पहुंचा ग्रामीणों की सहायता से वनविभाग के रेस्कू पथक ने आखिकार हाथी जंगल में भगाने में सफलता अर्जित की. पिछले कुछ दिनों से हाथियों का उत्पात थमा हुआ था. जिससे जिले के उत्तर व पुर्वी क्षेत्र के दुर्गम क्षेत्र के नागरिकों ने राहत की सांस ली थी. लेकिन दोबारा हाथियों ने उत्पात मचाने से परिसर के नागरिकों में दहशत का वातावरण निर्माण हो गया.
घटना की जानकारी मिलते ही हाथी संनियंत्रण पथक रात के समय दादापुर गांव में पहुंचा. और ग्रामीणों की सहायता से वनविभाग के पथक ने जंगली हाथी को जंगल में भगाने के लिये रेस्कू अभियान चलाया. हाथों में मशाल लेकर वनविभाग के कर्मचारी समेत ग्रामीण रातभर प्रयास करने के बाद तडके 4 बजे हाथी को जंगल में भगाने में सफलता मिली. वहीं दुसरी ओर रेस्क्यू टीम समेत ग्रामीणों ने जागते हुए रात गुजारी.