एकल महिलाओं को स्वावलंबी बनाने का प्रयास, सरकारी कार्यालयों और व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों का दौरा

Gadchiroli Women Empowerment : गड़चिरोली में स्वास्थ्य प्रबोधिनी संस्था द्वारा अकेली महिलाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर स्वावलंबी बनाने का विशेष अभियान चलाया गया।
एकल महिलाओं को स्वावलंबी बनाने का प्रयास
एकल महिलाओं को स्वावलंबी बनाने का प्रयास
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Gadchiroli News: अकेली महिलाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी मिले और वे इन योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ कैसे उठा सकती हैं, इस उद्देश्य से स्वास्थ्य प्रबोधिनी संस्था, आमगांव (बु.) की ओर से एक विशेष उपक्रम चलाया गया। इस उपक्रम के अंतर्गत जिले के सरकारी कार्यालयों और व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों का दौरा कर एकल महिलाओं ने प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त की।

महिलाओं ने गोंडवाना विश्वविद्यालय के विज्ञान एवं तकनीकी ज्ञान संसाधन केंद्र, जिला उद्योग केंद्र, माविम कार्यालय, गोंडवाना हर्ब्स वन उपज संकलन एवं प्रशिक्षण केंद्र (पोर्ला) तथा जिलाधिकारी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्यालय का दौरा किया।

स्वास्थ्य प्रबोधिनी

यह उपक्रम स्वास्थ्य प्रबोधिनी के अध्यक्ष डॉ. सूर्यप्रकाश गभणे तथा सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पांजलि मातेरे के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की सफलता के लिए आरमोरी और देसाईगंज तहसील की मीना बुरांडे, मीना सातपुते, आशा शेंडे, वर्षा गजभिये, संध्या मेश्राम, देवांगना बुराडे, मीना झुरे, उषा करांकर, योगिता भोयर, सिंधू डोंगे और वैशाली पिल्लारे आदि ने विशेष प्रयास किए। इस उपक्रम के माध्यम से अकेली महिलाओं को सरकारी योजनाओं और आर्थिक उन्नति के अवसरों की जानकारी मिलने से उनमें उत्साह और आत्मविश्वास का वातावरण दिखाई दिया।

सरकारी योजनाओं की ली जानकारी

गोंडवाना हर्ब्स वन उपज संकलन केंद्र, पोर्ला में महिलाओं को औषधीय वनस्पतियों, तेल बीजों, पेड़ों की छाल तथा अन्य वन उपज के माध्यम से मूल्यवर्धित रोजगार के अवसरों की जानकारी दी गई। इसके पश्चात, महिलाओं ने जिलाधिकारी और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को अकेली महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए विशेष योजना शुरू करने संबंधी ज्ञापन सौंपा।

वित्तीय स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की दिशा में मार्गदर्शन

गोंडवाना विश्वविद्यालय के संसाधन केंद्र में महिलाओं को बांस से बनने वाली हस्तकला वस्तुएं, प्रशिक्षण प्रक्रिया और विपणन (मार्केटिंग) के अवसरों के बारे में बताया गया। माविम कार्यालय में स्व-सहायता समूह योजनाओं, बचत गुटों के माध्यम से वित्तीय स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की दिशा में मार्गदर्शन किया गया। जिला उद्योग केंद्र में लघु उद्योगों के लिए कम ब्याज दर पर वित्तीय सहायता तथा पत्रावल मशीन, आटा चक्की आदि योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

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