गड़चिरोली में फिर शर्मसार हुई व्यवस्था, भामरागढ़ में चारपाई और नाव के सहारे अस्पताल पहुंचा गंभीर मरीज

Gadchiroli Healthcare Crisis: गड़चिरोली के भामरागढ़ में पुल न होने से एम्बुलेंस गांव नहीं पहुंच पाई, जिससे ग्रामीणों को बीमार संतोष को चारपाई और नाव के सहारे नदी पार कराकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा।
Gadchiroli Remote Village Healthcare Crisis
चारपाई पर मरीज को अस्पताल ले जाते हूए (सोर्स- फोटो नवभारत)
Published on: 
Updated on: 

Gadchiroli Remote Village Healthcare Crisis: गड़चिरोली जिले के आखिरी छोर पर बसी भामरागढ़ तहसील में आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। जिसके कारण तहसील के दुर्गम परिसर के नागरिकों को जानलेवा सफर करना पड़ रहा है। ऐसा एक मामला तीन दिन पहले लाहेरी परिसर में सामने आया। जहां गंभीर रूप से बीमार मरीज को चारपाई पर रखकर नदी तक ले जाना पड़ा और वहां से नाव से अस्पताल तक पहुंचाया गया।

चारपाई और नाव के सहारे जानलेवा सफर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लाहेरी ग्राम पंचायत (ग्रापं) अंतर्गत आने वाले बंगाडी गांव निवासी संतोष जेट्ठी (29) नामक व्यक्ति को मूत्रमार्ग बंद होने के कारण पीड़ा हो रही थी। गंभीर संसर्ग होने के कारण उसकी हालत चिंताजनक हो रही थी। जिससे उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाना जरूरी हो गया था। लेकिन रात के समय नदी में पानी और गांव तक पहुंचाने के लिए किसी भी तरह की वाहन सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों के सामने समस्या खड़ी हो गई।

आखिरकार ग्रामीण संतोष को चारपाई पर रखकर नदी तक ले गए। इसके बाद जान जोखिम में डालकर टीन की नाव से नदी पार की गई। नदी पार करने के बाद दोबारा चारपाई से सफर शुरू किया गया। इस मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल एम्बुलेंस गुंडेजूर नाले तक भिजवाई। वहां से मरीज को अस्पताल लाया गया। डॉ. मिनल, गजेंद्र रंधये और संदीप गोटा ने मरीज की हालत को देखकर उसे भामरागढ़ के ग्रामीण अस्पताल के लिए रवाना किया। बंगाडी यह गांव लाहेरी से 7 किमी की दूरी पर है। इस परिसर में स्वास्थ्य, सड़क और यातायात सुविधा का अभाव होने के कारण नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बेलीब्रिज का प्रश्न कायम

इस घटना से गुंडेजूर नाले पर लंबित बेलीब्रिज के कार्य का प्रश्न एक बार फिर खड़ा हो गया है। उक्त पुलिया पिछले कई वर्षों से अधर में पड़ा है। यदि बेलीब्रिज का कार्य पूर्ण होता तो, एम्बुलेंस सीधे गांव तक पहुंच सकती थी। लेकिन पुलिया के अभाव में इस परिसर के नागरिकों को आज भी मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए चारपाई का सहारा लेना पड़ रहा है।

Navbharat Live
navbharatlive.com