

Aheri Forest Rights Beneficiaries: अनुसूचित जनजाति तथा अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के तहत पात्र वनाधिकार धारकों की भूमि का 7/12 अभिलेख में नाम दर्ज करने संबंधी राज्य सरकार द्वारा हाल ही में जारी शासनादेश के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अहेरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. धर्मराव बाबा आत्राम ने आलापल्ली, भामरागड तथा सिरोंचा वन विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली।
सोमवार 20 जुलाई को आलापल्ली स्थित वन विभाग के विश्रामगृह में आयोजित बैठक में आलापल्ली की उपवन संरक्षक दीपाली तलमले, भामरागड़ के उपवन संरक्षक शैलेश मीना, तीनों वन विभागों के लाभार्थी को कार्यालयीन विलब के कारण किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
भामरागड़ के उपवन संरक्षक शैलेश उपविभागीय वनाधिकारी, नायब मीना, तीनों वन विभागों के तहसीलदार प्रतीक आढाव, भूमि लाभार्थियों को न हो परेशानी उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वनाधिकार धारकों को कृषि अनुदान, फसल बीमा, फसल ऋण, प्राकृतिक आपदा मुआवजा, फार्मर आईडी तथा सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिले, इसके लिए आवश्यक सभी अभिलेख तथा प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी की जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी पात्र लाभार्थी को कार्यालयीन विलंब के कारण किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वनाधिकार धारकों को कृषि अनुदान, फसल बीमा, फसल ऋण, प्राकृतिक आपदा मुआवजा, फार्मर आईडी तथा सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिले, इसके लिए आवश्यक सभी अभिलेख तथा प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी की जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी पात्र लाभार्थी को कार्यालयीन विलंब के कारण किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वनाधिकार धारकों को कृषि अनुदान, फसल बीमा, फसल ऋण, प्राकृतिक आपदा मुआवजा, फार्मर आईडी तथा सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिले, इसके लिए आवश्यक सभी अभिलेख तथा प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी की जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी पात्र लाभार्थी को कार्यालयीन विलंब के कारण किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वनाधिकार धारकों को कृषि अनुदान, फसल बीमा, फसल ऋण, प्राकृतिक आपदा मुआवजा, फार्मर आईडी तथा सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिले, इसके लिए आवश्यक सभी अभिलेख तथा प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी की जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी पात्र लाभार्थी को कार्यालयीन विलंब के कारण किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।