गड़चिरोली में 4 नक्सलियों ने किया सरेंडर, पुनर्वसन के लिए मिलेगा लाखों का इनाम
गड़चिरोली में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। एक डीवीसीएम व एक एसीएम दर्जे के नक्सली समेत 4 नक्सलियों ने जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ के सामने आत्मसमर्पण किया है...
- Written By: आकाश मसने
पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली
गड़चिरोली: सरकार द्वारा वर्ष 2005 से शुरू किये गये आत्मसमर्पण योजना और हिंसा भरे जीवन से तंग आकर बड़े नक्सलियों समेत अनेक खुंखार नक्सलियों ने जिला पुलिस दल के सामने आत्मसमर्पण किया है। ऐसे में सोमवार को गड़चिरोली में एक डीवीसीएम व एक एसीएम दर्जे के नक्सली समेत 4 नक्सलियों ने जिला पुलिस दल और सीआरपीएफ के सामने आत्मसमर्पण किया है। जिससे टीसीओसी कालावधि के शुरूआत में ही जिला पुलिस दल को सफलता मिली है।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों पर सरकार द्वारा 28 लाख रुपयों का इनाम रखा गया था। समर्पितों में नक्सलियों के टेक्निकल टीम का डीवीसीएम अहेरी तहसील के अर्कापल्ली निवासी अशोक पोच्या सडमेक ऊर्फ बालन्ना ऊर्फ चंद्रशेखर (63), टेक्निकल टीम की एसीएम एटापल्ली तहसील की कोरनार निवासी वनिता दोहे झोरे (54), प्लाटुन क्रमांक 32 का सदस्य भामरागड़ तहसील के तुमरकोडी निवासी साधू लिंगु मोहंदा ऊर्फ शैलेश ऊर्फ समीर (30) और छत्तीसगढ़ के सुकमा जिला अंतर्गत आने वाले सिलीगेंर निवासी पार्टी सदस्य मुन्नी पोदीया कोरसा (25) का समावेश है।
नक्सलियों का आत्मसमर्पण कराने की कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक (नक्सल विरोधी अभियान) संदीप पाटिल, गड़चिरोली परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक अंकित गोयल, सीआरपीएफ के पुलिस उपमहानिरीक्षक अजय कुमार शर्मा, जिला पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल, सीआरपीएफ की 9 बटालियन के कमांडेंट शंभु कुमार के मार्गदर्शन की गई।
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2 नक्सल जोड़ों का समावेश
आत्मसमर्पण नक्सलियों में दो नक्सल जोड़े शामिल है। 16 लाख के इनामी डीवीसीएम अशोक सडमेक और 6 लाख की इनामी एसीएम वनिता झोरे पति-पत्नी है। वहीं 4 लाख इनामी साधु मोहंदा और 2 लाख इनामी मुन्नी कोरसा दोनों पत्नी होने की जानकारी पुलिस विभाग ने दी है।
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डीवीसीएम अशोक सडमेक और उसकी पत्नी एसीएम वनिता झोरे को पुनर्वसन के लिये 15 लाख रुपये तो नक्सल सदस्य साधू मोहंदा और उसकी पत्नी मुन्नी कोरसा दम्पति को पुनर्वसन के लिये 11 लाख रुपये पुरस्कार के रूप में दिये जाएंगे।
अब तक 695 नक्सलियों ने किया सरेंडर
महाराष्ट्र सरकार द्वारा आत्मसमर्पण योजना शुरू करने के बाद से लेकर अब तक करीब 695 नक्सलियों ने जिला पुलिस दल के सामने आत्मसमर्पण किया है। वहीं जिला पुलिस दल द्वारा प्रभावी रूप से नक्सल विरोधी अभियान चलाए जाने के कारण और सरकार द्वारा नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने का स्वर्ण मौका उपलब्ध कराए जाने से सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिये वर्ष 2022 से अब तक कुल 50 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। विशेषत: शुरू वर्ष में अब तक 17 नक्सलियों ने सरेंडर किया है।
