

Gadchiroli Bhamragarh Perlkota Flood: गडचिरोली के भामरागड़ में बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी भामरागड़-अलापल्ली मार्ग चौथे दिन बंद रहा। पर्लकोटा नदी का पुराना पुल अब भी पानी में डूबा है। प्रशासन ने सफाई, कीटाणुशोधन और पेयजल व्यवस्था पर जोर दिया है।
भामरागड़ पर्लकोटा, पामुलगौतम और इंद्रावती नदियों में आई बाढ़ के कारण भामरागड़-अलापल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार चौथे दिन भी बंद रहा। भामरागड़ मुख्यालय से बाढ़ का पानी पूरी तरह उतर गया है, लेकिन पर्लकोटा नदी पर बना पुराना पुल अब भी पानी में डूबा होने के कारण इस मार्ग पर यातायात शुरू नहीं हो सका है।
मार्ग बंद रहने से भामरागड़ और आसपास के इलाकों का बाहरी क्षेत्रों से संपर्क पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रशासन ने भामरागड़ मुख्यालय में सफाई और कीटाणुशोधन अभियान शुरू किया है। शहर के विभिन्न हिस्सों में जमा गाद, कीचड़ और कचरे को हटाया जा रहा है।
बाढ़ के बाद दूषित पानी और गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी उपाय किए जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को सुचारु रखने के साथ सार्वजनिक स्थानों की सफाई और कीटाणुशोधन पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से नागरिकों से साफ-सफाई बनाए रखने और दूषित पानी का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की जा रही है।
छत्तीसगढ़ में हुई भारी बारिश के कारण इंद्रावती, पामुलगौतम और पर्लकोटा नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया था। इसके चलते भामरागड़ मुख्यालय सहित आसपास के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया था।
स्थिति गंभीर होने पर प्रशासन ने बचाव और राहत अभियान चलाकर नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया था। अब मुख्यालय में स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन मार्ग बंद होने से सामान्य जनजीवन अभी पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाया है।
भामरागड़ शहर में बाढ़ की स्थिति में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन पर्लकोटा नदी के पुल पर पानी बने रहने से आवागमन बाधित है। नदी का जलस्तर और कम होने के बाद ही पुल से यातायात बहाल होने की संभावना है।
इसलिए बाढ़ का पानी उतरने के बावजूद परिवहन, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं।