विश्व क्षय रोग दिवस पर धुले में जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत, निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों की मदद की अपील

Dhule TB Free Campaign Maharashtra: धुले में विश्व क्षय रोग दिवस पर 100 दिवसीय टीबी मुक्ति अभियान शुरू किया गया। नागरिकों से ‘निक्षय मित्र’ बनकर मरीजों को पोषण और सहयोग देने की अपील की गई।
Awareness Program Launched in Dhule on World Tuberculosis Day; Appeal Issued to Assist TB Patients by Becoming 'Nikshay Mitras'
Dhule World TB Day Awareness( Source: Social Media )
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Dhule World TB Day Awareness: धुले जिला प्रशासन अब 'टीबी मुक्त धुले' के संकल्प के साथ पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जागरुकता से लेकर पोषण तक, हर मोर्चे पर तैयारी पूरी है। विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर जिला क्षय रोग केंद्र ने एक भव्य आयोजन कर 100 दिवसीय विशेष टीबी मुक्ति अभियान का शुभारंभ किया।

इस दौरान नागरिकों से 'निक्षय मित्र' बनकर क्षय रोगियों को गोद लेने और उन्हें पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने की अपील की गई। जिलाधिकारी भाग्यश्री विसपुते और जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजिज शेख के मार्गदर्शन में जिला अस्पताल में यह मुख्य कार्यक्रम संपन्न हुआ।

शुरुआत में क्षय रोग के जीवाणु की खोज करने वाले डॉ. रॉबर्ट कॉक की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके बाद उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने 'टीबी मुक्त भारत' अभियान की सामूहिक शपथ ली. निक्षय मित्र बनने की अपील, पोषण किट का वितरण प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 के तहत समाज के दानदाताओं से आग्रह किया गया कि वे निक्षय मित्र बनकर रोगियों के उपचार और पोषण की जिम्मेदारी लें।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजिज शेख, जिला शल्य चिकित्सक डॉ. रवींद्र सोनवणे और जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सचिन बोडके ने कहा कि सिर्फ दवा ही काफी नहीं, बल्कि मरीजों को संतुलित आहार भी उत्तना ही जरूरी है। इस मौके पर प्रतीक स्वरूप क्षय रोगियों को सूखा पोषण आहार किट वितरित किया गया।

पथनाट्य और रंगोली से जागरूकता का संदेश

कार्यक्रम की जानकारी देने वाली रही नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने प्रस्तुत किया गया पथनाट्य, इसके जरिए क्षय रोग के लक्षण, बचाव और इलाज से जुड़ी अहम जानकारी दी गई।

वहीं, स्वास्थ्य केंद्र परिसर में टीबी मुक्त धुले' की थीम पर आकर्षक रंगोली बनाकर लोगों का ध्यान खींचा गया, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सोनिया बागडे ने बताया कि यह अभियान सिर्फ जिला स्तर तक सीमित नहीं है।

तहसील और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर आशा स्वयंसेविकाओं की बैठके, जनजागरूकता रैलियो और सामुदायिक बैठके आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर अपर जिला शल्य चिकित्सक डॉ. महेश भडांगे, अपर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय मोरे, जिला पीपीएम समन्वयक प्रतिभा पाटील, जिला अस्पताल के पीएचएन, नर्सिंग कॉलेज के शिक्षकगण और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे

अब केवल इलाज ही नहीं, बल्कि पोषण के साथ-साथ समाज के सहयोग से ही टीबी को पूरी तरह हराया जा सकता है। नागरिक निक्षय मित्र बनकर इस अभियान की रीढ़ बन सकते हैं।

- धुले जिला परिषद, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अजिज शेख

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