पक्का घर का सपना साकार, धुले में आदिवासी आवास योजना को गतित; 55 लाभार्थियों को मिली निर्माण अनुमति

Dhule Housing Scheme: धुले में आदिवासी आवास योजना के तहत आयोजित विशेष शिविर में 55 लाभार्थियों को घर निर्माण की अनुमति दी गई। पात्र परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए 2.50 लाख रुपये की सहायता मिलेगी।
Dream of a Permanent Home Realized: Tribal Housing Scheme Gains Momentum in Dhule; 55 Beneficiaries Receive Construction Permits
Dhule Tribal Housing Support( Source: Social Media )
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Dhule Tribal Housing Support: धुले अनुसूचित जनजाति के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को पक्का घर उपलब्ध कराने महानगरपालिका ने पहल तेज कर दी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को आयोजित विशेष शिविर में 55 लाभार्थियों को मौके पर ही निर्माण अनुमति प्रदान की गई।

महानगरपालिका की पुरानी इमारत परिसर में आयोजित इस शिविर का उद्घाटन लाभार्थियों के हाथों फीता काटकर किया गया, महापौर मायादेवी परदेशी ने कहा कि पात्र नागरिक योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपने घर का सपना साकार करें।

तकनीकी अड़चनें दूर, प्रक्रिया आसान योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को घर निर्माण के लिए शासन की ओर से 2.50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता चार चरणों में दी जाती है।

आदिवासी विकास परियोजना अंतर्गत १० लाभार्थियों को मंजूरी मिली थी, जिनमें से 57 लाभार्थी निश्चित हुए हैं। अब तक '8-अ' दस्तावेज और गांवठाण क्षेत्र की जमीन के कारण तकनीकी अड़चनें सामने आ रही थीं। नए नियमों के अनुसार पिछले तीन वर्षों की संपत्ति कर रसीद के आधार पर पात्रता तय किए जाने से प्रक्रिया आसान हो गई है।

शिविर में की गई दस्तावेजों की जांच पड़ताल

सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक चले शिविर में लाभार्थियों के दस्तावेजों की मौके पर ही जांच कर 55 लोगों को निर्माण अनुमति दी गई। इससे अब इन लाभार्थियों को अनुदान की पहली किस्त मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

जनप्रतिनिधि के साथ अधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर नगरसेविका वंदना भामरे, सहायक संचालक (नगर रखना) भट्ट पवार, उपायुक्त मनोज वाघ, शहर अभियंता चंद्रकांत उगले, उप अभियंता कमलेश सोनवणे, प्रकाश सोनवणे, कनिष्ठ अभियंता भूषण दवले सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। शिविर के सफल आयोजन में पीएम आवास योजना सेल के प्रमोद सोमवंशी, रजत अग्रवाल और अंजली येवले ने भूमिका निभाई।

शिविर में मिली मदद

उपायुक्त मनीज वाघ ने कहा कि दस्तावेजों की समस्याओं में फंसे आदिवासी परिवारों के लिए यह शिविर राहत साबित हुआ है। उन्होंने इसे वंचित वर्ग को न्याय दिलाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।

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