

Abhiyan To Reach Tribal Villages: धुले जिले के दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों के लोगों को सरकारी योजनाओं के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि प्रशासन खुद उनके गांव तक पहुंचे और पात्र लाभार्थियों को मौके पर योजनाओं का लाभदिलाए, यह निर्देश पालकमंत्री तथा पणन एवं राजशिष्टाचार मंत्री जयकुमार रावल ने दिए।
उन्होंने कहा कि 'सेवा संकल्प अभियान' केवल योजनाओं की जानकारी देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका परिणाम पात्र आदिवासी परिवारों तक प्रत्यक्ष लाभ पहुंचने के रूप में दिखाई देना चाहिए। आदिवासी विकास विभाग की ओर से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक एकात्मिक आदिवासी विकास परियोजना के तहत 'सेवा संकल्प अभियान' चलाया जा रहा है।
अभियान में सरकारी एवं अनुदानित आश्रमशालाओं, एकलव्य आवासीय विद्यालयों, नामांकित स्कूलों और सरकारी आदिवासी छात्रावासों को शामिल किया गया है।
अभियान के तहत जिले के सभी पेसा गांवों में सेवा चित्ररथ पहुंचकर आदिवासी समुदाय के लिए संचालित सरकारी योजनाओं की जानकारी देगा। इसके साथ स्वास्थ्य, बाल विवाह रोकथाम और नशामुक्ति को लेकर भी जागरूकता की जाएगी।
रावल ने अधिक से अधिक पात्र नागरिकों से योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। रावल ने अधिकारियों को तालुका स्तर पर
इन शिविरों में आधार कार्ड, राशन कार्ड, जाति प्रमाणपत्र, आयुष्मान कार्ड और अंत्योदय कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों को समन्वय से काम करना होगा। जरूरतमंद परिवारों, महिलाओं, विद्यार्थियों और वंचित वर्गों की समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने पर जोर दिया गया।
अभियान अवधि में पारधी समाज के लाभार्थियों के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। वनपट्टाधारकों को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने और विभिन्न महाराष्ट्र सरकार योजनाओं से जोड़ने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे। कोई भी पात्र लाभार्थी योजना के लाभ से वंचित न रहे।
इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी। 5 अक्टूबर को वीरांगना रानी दुर्गावती जयंती के अवसर पर आदिवासी महिला बचत समूहों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
पात्र महिला समूहों को योजनाओं से जोड़कर आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा। आश्रमशालाओं और छात्रावासों के विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाएंगे, चित्रकला, वक्तृत्व, रंगोली और निबंध प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच देने के साथ 'मेरी शाला, मेरी सेवा' के तहत स्वच्छता और पौधरोपण गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।