मनपा चुनाव: किन्नर अखाड़ा ने फूंका बिगुल, निर्दलीय चुनौती से हिले समीकरण, BJP की बढ़ीं मुश्किलें

Dhule Municipal Corporation Elections: धुलिया मनपा चुनाव में बड़ा सियासी मोड़। भाजपा से टिकट न मिलने पर महामंडलेश्वर पार्वती जोगी ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का किया ऐलान, किन्नर अखाड़ा भी मैदान में उतरे।
Dhule Municipal Corporation Elections: धुलिया मनपा चुनाव में बड़ा सियासी मोड़। भाजपा से टिकट न मिलने पर महामंडलेश्वर पार्वती जोगी ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का किया ऐलान, किन्नर अखाड़ा भी मैदान में उतरे।
मनपा चुनाव (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Dhule Municipal Elections: अंतरराष्ट्रीय किन्नर अखाड़ा की उपाध्यक्ष और महामंडलेश्वर पार्वती परशुराम जोगी उर्फ रवि मामा ने धुलिया मनपा चुनाव लड़ने की घोषणा करते हुए राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। उन्होंने आज शहर के प्रभाग क्रमांक 16 से गाजे-बाजे के साथ अपने चुनावी अभियान का आधिकारिक शुभारंभ किया।

पार्वती जोगी ने स्पष्ट किया है कि भले ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी से उम्मीदवारी मांगी है, लेकिन पार्टी टिकट दे या न दे, वे चुनाव जरूर लड़ेंगी। प्रभाग क्रमांक 16 से पार्वती जोगी को टिकट देने की उनके समर्थकों में भारी मांग है। हालांकि, भाजपा की ओर से अभी तक कोई ठोस आश्वासन न मिलने के कारण इच्छुक उम्मीदवारों में बेचैनी बढ़ रही है।

इसी पृष्ठभूमि में, पार्वती जोगी ने 'बगावत का झंडा' बुलंद करते हुए मोहाडी उपनगर में छत्रपती शिवाजी महाराज की प्रतिमा को अभिवादन कर प्रचार का नारियल फोड़ा। इस दौरान उनके साथ बड़ी संख्या में किन्नर समुदाय के सदस्य और समर्थक मौजूद रहे। ढोल-ताशों और पार्वती जोगी आगे बढ़ो, हम तुम्हारे साथ हैं के नारों के साथ निकाली गई रैली ने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींचा।

पार्वती जोगी ने क्या कहा?

इस अवसर पर नीलू जोगी, प्रवीण बाबा, भैया भाऊ गवली, प्रशांत चोलके और मच्छिंद्र पाटिल सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे। मीडिया से बात करते हुए पार्वती जोगी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने दो महीने पहले ही अपने उम्मीदवार तय कर लिए हैं और अब केवल समय बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने कहा, जनता मेरे साथ है और उनके समर्थन के बल पर मैं यह चुनाव लड़ूंगी। यदि भाजपा टिकट देती है तो ठीक, अन्यथा मैं निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरूंगी।

किन्नर अखाड़ा चुनावी मैदान में

आगामी धुलिया नगर निगम चुनाव में केवल पार्वती जोगी ही नहीं, बल्कि उनकी शिष्याएं भी चुनावी दंगल में उतरने वाली हैं। कल उन्होंने दो अन्य उम्मीदवारों के नाम घोषित किए और कई अन्य प्रभागों से भी उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रही हैं।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पार्वती जोगी का यह कदम भाजपा के लिए बड़ी सिरदर्द साबित हो सकता है। धुलिया में उनका एक बड़ा प्रभाव क्षेत्र है और वोटों के ध्रुवीकरण के कारण भाजपा के समीकरण बिगड़ सकते हैं।

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