

Dhule City Administration: धुले 'पानी चाहिए तो बिल भरिए, वरना नल बंद।" धुले महानगरपालिका ने इस सख्त चेतावनी के साथ शहर में वसूली का मोर्चा खोल दिया है। शहर में पानी बिल की बढ़ती बकाया राशि को देखते हुए मनपा प्रशासन ने विशेष अभियान की शुरुआत की है।
आयुक्त नितीन कापडणीस के निर्देश पर 4 विशेष टीमें गठित कर उन्हें सीधे फील्ड में उतार दिया गया है। कार्रवाई के पहले ही दिन जूना धुले इलाके में 3 बड़े बकायेदारों के नल कनेक्शन मौके पर ही काट दिए गए, शहर में एक अजीब स्थिति सामने आई है।
कई उपभोक्ता प्रॉपर्टी टैक्स तो नियमित भर रहे हैं, लेकिन पानी बिल को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पानी जैसी मूलभूत सेवा को सुचारु रखने के लिए पंपिंग, शुद्धिकरण और वितरण पर भारी खर्च होता है। इस व्यवस्था को बनाए रखने के लिए समय पर पानी बिल का भुगतान बेहद जरूरी है।
इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए गठित 4 विशेष टीमों में कर अधीक्षक, कनिष्ठ अभियंता, लिपिक और तकनीकी कर्मचारी शामिल हैं। ये टीमें वार्डवार बकायेदारों की सूची लेकर सीधे उनके घर पहुंच रही है।
मौके पर बकाया जांचकर तत्काल भुगतान की मांग की जा रही है, भुगतान में टालमटोल या इनकार करने पर बिना देरी किए कनेक्शन काट दिया जा रहा है, अभियान की शुरुआत सुभाषनगर और जूना पुलिया इलाके से की गई।
यहां टीमों ने कड़ा रुख अपनाते हुए 3 बड़े बकायेदारों के कनेक्शन काट दिए इस कार्रवाई के बाद अन्य बकायेदारों में हडकंप मच गया है और अब कई लोग खुद आगे आकर बिल जमा करने लगे है, मनपा ने स्पष्ट कर दिया है कि एक बार कनेक्शन कटने के बाद उसे दोबारा जुड़वाना जेब पर भारी पड़ेगा। उपभोक्ता को पूरी बकाया राशि जमा करनी होगी। भारी जुर्माना और रोकनेक्शन शुल्क अलग से देना होगा।