अंबादास दानवे के बयान से बढ़ीं अटकलें, क्या UBT के सांसद शिंदे गुट के संपर्क में?

Dharashiv Politics: धाराशिव में उद्धव ठाकरे गुट (UBT) के भीतर फूट की चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। नेता अंबादास दानवे के बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है।
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Ambadas Danve (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Dharashiv Operation Tiger: यूबीटी के 7 सांसद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में होने की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में लगातार जारी हैं। इस बहुचर्चित ऑपरेशन टाइगर को लेकर अब यूबीटी के नेता अंबादास दानवे ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसके बाद इन अटकलों को और मजबूती मिलती दिख रही है।

दानवे ने कहा कि कुछ लोग संपर्क में हैं, जबकि कुछ अब खुलकर इस बारे में बोलने लगे हैं, इसलिए पार्टी को इन सभी बातों की पूरी जानकारी है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद से हर एकदो महीने में ऐसी आंतरिक चर्चाएं सामने आ रही हैं, इसलिए अब इसे औपचारिक रूप से स्वीकार करना चाहिए।

धाराशिव में UBT में फिर फूट की चर्चा

दानवे के इस बयान के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या वास्तव में उद्धव गुट के सांसद शिंदे गुट के संपर्क में हैं, और क्या पार्टी में भीतरघात की स्थिति बन रही है। इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। सरकार पर जनता की आवाज दबाने का आरोपदानवे ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जनता की आवाज दबाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर रही है और पिछले 12 वर्षों में भाजपा ने लोकतंत्र को कमजोर करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार सड़क पर उतरकर आंदोलन कर रहा है।

इलेक्शन नहीं बल्कि सिलेक्शन में बदलने की कोशिश

दानवे ने कहा कि महाविकास आघाड़ी के तहत विधान परिषद चुनाव लड़ा जा रहा है और बीडधाराशिवलातूर की सीट पर मजबूती से मुकाबला किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल चुनाव को इलेक्शन नहीं बल्कि सिलेक्शन में बदलने की कोशिश कर रहा है।उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव में उम्मीदवारों पर दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें चुनाव से हटाने की कोशिशें की जा रही हैं।

राजनीतिक नेतृत्व पर जनता में असंतोष

इसके बावजूद एमवीए लोकतंत्र की रक्षा के लिए मजबूती से चुनाव लड़ रही है। अंबादास दानवे ने आगे कहा कि जनता में सभी राजनीतिक दलों और नेतृत्व को लेकर असंतोष है। उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी जैसे आंदोलनों के जरिए लोगों का गुस्सा सामने आ रहा है और जनता लगातार विकल्प तलाश रही है।

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