वाह रे मोदी तेरा खेल, सस्ती दारू महंगा तेल: दानवे के नेतृत्व में महंगाई के खिलाफ ठाकरे गुट का जन आक्रोश

ShivSena UBT Protest: ईंधन की बढ़ती कीमतों और फर्जी किसान कर्जमाफी के खिलाफ सड़क पर उतरी शिवसेना (UBT)। अंबादास दानवे के नेतृत्व में साइकिल मार्च निकाल सरकार को घेरा।
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ठाकरे गुट के विराध की फोटो (सोर्स: फाइल फोटो)
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Ambadas Danve Cycle March: महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल के बीच अब महंगाई और किसानों के मुद्दों ने जोर पकड़ लिया है। केंद्र सरकार द्वारा ईंधन की कीमतों में की गई वृद्धि और बढ़ती महंगाई के विरोध में शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट ने महंगाई के अच्छे दिन जन आक्रोश आंदोलन के जरिए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

साइकिल मार्च और गूंजते नारे

पार्टी नेता और विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे के नेतृत्व में शिवसैनिकों ने क्रांतिचौक स्थित छत्रपती शिवाजी महाराज की प्रतिमा के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलन का मुख्य आकर्षण साइकिल मार्च रहा, जिसमें दानवे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने "वाह रे मोदी तेरा खेल, सस्ती दारू महंगा तेल!, महंगाई हटाओ, मोदी हटाओ और ईंधन दर वृद्धि रद्द करो जैसे तीखे नारे लगाए, जिससे पूरा परिसर गूंज उठा।

महिला कार्यकर्ताओं का अनोखा विरोध

आंदोलन में शिवसेना की महिला आघाड़ी ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। रणरागिनियों ने गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने पर अपना रोष व्यक्त करने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने गैस सिलेंडर को हल्दी-कुमकुम और फूल चढ़ाकर उसका पूजन किया। महिलाओं का कहना था कि सिलेंडर की कीमतें अब आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गई हैं, इसलिए अब इसका इस्तेमाल करने के बजाय इसकी पूजा करना ही बेहतर है। विरोध के दौरान थालियां बजाई गईं और डीजे पर महंगाई विरोधी गीत बजाकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा गया।

किसानों की फर्जी कर्जमाफी पर हमला

अंबादास दानवे ने किसानों के मुद्दे पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सरकार द्वारा घोषित किसान कर्जमाफी को महज एक 'झांसा' और 'षड्यंत्र' करार दिया। दानवे ने कहा कि यह कर्जमाफी नहीं बल्कि किसानों से वसूली का एक नया तरीका है। इस दौरान आक्रोशित शिवसैनिकों ने कर्जमाफी से संबंधित सरकार के निर्णय (GR) की प्रतीकात्मक होली जलाई और मांग की कि किसानों का पूर्ण कर्जमुक्ति किया जाए।

क्या सरकार इन मांगों पर कोई ठोस कदम उठाएगी?

जहाँ एक ओर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अपने सुरीले अंदाज से जनता का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं और बीजेपी एयरपोर्ट सोना तस्करी जैसे आरोपों से जूझ रही है, वहीं शिवसेना (UBT) ने सीधे जनता के पेट और जेब से जुड़े मुद्दों को उठाकर सरकार की घेराबंदी तेज कर दी है। इस आंदोलन में सुभाष पाटील, राजेंद्र काले और संतोष जेजूरकर सहित हजारों की संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। अब देखना यह होगा कि क्या सरकार इन मांगों पर कोई ठोस कदम उठाती है या विपक्ष का यह 'जन आक्रोश' आगामी चुनावों में कोई नया मोड़ लाएगा।

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