Ashok Kharat Case: डिप्टी कलेक्टर अभिजीत भांडे सस्पेंड, 143 बार कॉल और बेनामी निवेश का आरोप, जानें पूरा मामला
Ashok Kharat Case Update: अशोक खरात मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने डिप्टी कलेक्टर अभिजीत भांडे को निलंबित कर दिया है। जानें भांडे पर क्या आरोप है।
- Written By: गोरक्ष पोफली
अशोक खरात व अभिजीत भांडे (सोर्स: डिजाइन फोटो)
Deputy Collector Abhijeet Bhande Suspended: सैकड़ों महिलाओं के यौन शोषण और धोखाधड़ी के आरोपी भोंदू बाबा अशोक खरात मामले (Ashok Kharat Case) में अब राजनीतिक नेताओं के बाद प्रशासनिक अधिकारियों पर भी गाज गिरनी शुरू हो गई है। अशोक खरात के साथ संदिग्ध आर्थिक लेन देन और नजदीकी संबंधों के आरोप में डिप्टी कलेक्टर (उपजिल्हाधिकारी) अभिजीत भांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने भांडे के निलंबन के कड़े आदेश जारी किए हैं।
कॉल रिकॉर्ड्स से हुआ बड़ा खुलासा
डिप्टी कलेक्टर अभिजीत भांडे और आरोपी अशोक खरात के बीच के संबंधों का खुलासा तब हुआ जब जांच टीम के हाथ दोनों के कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) लगे। सरकारी पद पर रहते हुए अभिजीत भांडे और भोंदू खरात के बीच कुल 143 बार फोन पर बातचीत हुई थी। कॉल रिकॉर्ड के आंकड़ों के अनुसार
- कुल 143 कॉल्स में से अशोक खरात ने अभिजीत भांडे को 83 बार फोन किया था।
- वहीं, डिप्टी कलेक्टर भांडे ने खरात को 60 बार कॉल बैक किया था।
- 4 अप्रैल 2025 से 15 मार्च 2026 के बीच दोनों के बीच यह बातचीत हुई, जो कुल 10,037 सेकंड (लगभग 3 घंटे) की थी।
रिकॉर्ड के मुताबिक, 7 जुलाई 2025 को एक ही दिन में 10 बार और 23 नवंबर 2025 को रिकॉर्ड 14 बार दोनों के बीच फोन पर चर्चा हुई थी। इसके अलावा 7 अगस्त 2025 को दोनों के बीच लगातार 11 मिनट तक बात हुई थी।
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खरात के परिवार के नाम पर निवेश का आरोप
जांच में यह बात सामने आई है कि अभिजीत भांडे ने डिप्टी कलेक्टर के पद का दुरुपयोग करते हुए अशोक खरात की पत्नी और बेटी के नाम पर जमीनों और विभिन्न संपत्तियों में भारी निवेश किया था। खरात के कई अवैध और संदिग्ध कामों में भांडे की सीधी संलिप्तता और आर्थिक लेन देन के पुख्ता सबूत मिलने के बाद राजस्व मंत्री ने यह बड़ी कार्रवाई की है। इस निलंबन के बाद राजस्व विभाग के अन्य अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया है जो किसी न किसी रूप में खरात से जुड़े थे।
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मुख्यमंत्री की चेतावनी
इस हाई-प्रोफाइल मामले ने महाराष्ट्र की राजनीति और प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। एनसीपी नेता रूपाली चाकणकर के बाद अब अभिजीत भांडे भी जांच के दायरे में आ गए हैं और जल्द ही उनसे कड़ी पूछताछ होने की संभावना है।
इस मामले पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि अशोक खरात मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह कितना भी बड़ा राजनेता या अधिकारी क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
