कृषि बंटवारे रजिस्ट्रेशन के लिए अब नहीं देने होगे पैसे; महाराष्ट्र कैबिनेट ने लिए 10 बड़े फैसले
महायुति सरकार ने कृषि भूमि के आबंटन पर लगाए जाने वाले पंजीयन शुल्क को माफ करने का निर्णय लिया है।
- Written By: सोनाली चावरे
महाराष्ट्र कैबिनेट ने लिए 10 बड़े फैसले
मुंबई: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्ववाली महायुति सरकार ने कृषि भूमि के आबंटन पर लगाए जाने वाले पंजीयन शुल्क को माफ करने का निर्णय लिया है। मंगलवार को सीएम फडणवीस की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में कुल 10 निर्णयों को कैबिनेट ने मंजूरी दी। लेकिन इसमें कृषि बंटवारे पर अब शुल्क नहीं लेने का निर्णय महत्वपूर्ण है।
निर्णय से सरकारी राजस्व में सालाना 35 से 40 करोड़ रुपए की कमी आ सकती है। लेकिन फार्म आवंटन पत्र के पंजीकरण न होने के कारण किसानों को होने वाली परेशानियों से राहत देने के लिए पंजीकरण शुल्क माफ करने का निर्णय सरकार ने लिया है।
पंजीकरण शुल्क स्टाम्प शुल्क से अधिक
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महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता, 1966 की धारा 85 के अनुसार, कृषि भूमि आवंटित करते समय गणना के बाद आवंटन विलेख पर स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क का भुगतान करना होता है। कृषि भूमि के आवंटन के लिए स्टाम्प शुल्क की दर नाम मात्र है, लेकिन पंजीकरण शुल्क पर कोई छूट नहीं है। कई किसान अपनी जमीन का पंजीकरण नहीं कराते क्योंकि पंजीकरण शुल्क स्टाम्प शुल्क से अधिक है। लेकिन पंजीकरण नहीं होने की वजह से भविष्य में कृषि भूमि को लेकर विवाद उत्पन्न होता है, तो किसानों और उनके परिवारों को अनावश्यक रूप से परेशानी झेलनी पड़ती है। इसलिए, ऐसे दस्तावेजों के लिए पंजीकरण शुल्क माफ करने का निर्णय लिया गया। इससे किसानों के लिए अपने आवंटन पत्र पंजीकृत कराना आसान हो जाएगा।
ये हैं अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
1) राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में आज टाइपिस्टों के 5,223 एकल पदों के सृजन को मंजूरी दी गई, जिसके तहत राज्य में प्रत्येक न्यायिक अधिकारी के लिए एक टाइपिस्ट होगा। इस संबंध में शेट्टी आयोग ने सिफारिश की है कि न्यायिक अधिकारियों को टाइपिस्ट उपलब्ध कराए जाएं। इन सभी टाइपिस्टों के वेतन के लिए 197 करोड़ 55 लाख, 47 हजार, पांच सौ बीस रुपये के वार्षिक व्यय को भी आज मंजूरी दी गई।2) बैठक में नवगठित इचलकरंजी और जालना नगर निगमों को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) क्षतिपूर्ति के लिए सब्सिडी के प्रावधान को मंजूरी दी गई। इस निर्णय के कारण इचलकरंजी नगर निगम को अगले पांच वर्षों में 657 करोड़ रुपए और जालना नगर निगम को 392 करोड़ रुपए की निधि प्राप्त होगी।3) रायगढ़ जिले के पेण में सुहित जीवन ट्रस्ट द्वारा संचालित मानसिक रूप से विकलांग वर्ग के लिए कार्यशाला, एकलव्य व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र को 75 गैर-निवासी छात्रों के लिए अनुदान के आधार पर मंजूरी दी गई।
4) विभिन्न संगठनों की मांग पर राज्य में कृषि पर्यवेक्षक और कृषि सहायक का पदनाम क्रमशः ‘उप कृषि अधिकारी’ और ‘सहायक कृषि अधिकारी’ करने का निर्णय लिया गया।
5) महाराष्ट्र वन विकास निगम (एफडीसीएम) में 1,351 पदों की संशोधित संरचना को कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई।
6) राज्य के स्थानीय सरकारी निकायों के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अंशकालिक निदेशकों का स्थायी कैडर बनाने को मंजूरी दी गई।
7) एशियाई विकास बैंक (एडीबी) सहायता प्राप्त परियोजना संगठन “महाराष्ट्र कृषि व्यवसाय नेटवर्क (मैग्नेट)” का नेतृत्व अब राज्य के विपणन मंत्री द्वारा पदेन अध्यक्ष के रूप में किया जाएगा। इसके अलावा परियोजना की निगरानी के लिए मुख्य सचिव की बजाय मुख्यमंत्री संचालन समिति के अध्यक्ष होंगे।
8) बैठक में नागपुर स्थित महाराष्ट्र राज्य हथकरघा निगम के 195 सेवानिवृत्त एवं स्वैच्छिक सेवानिवृत्त कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग के बकाया भुगतान को मंजूरी दी गई।
