

बीड़ जिला उपनिबंधक कार्यालय के दल ने वैजापुर शाखा में की जांच।
शाखा के रिकॉर्ड की पड़ताल कर अहम दस्तावेज जब्त किए गए।
सोना गिरवी रखकर कर्ज लेने वाले 49 खाताधारकों का सोना कब्जे में लिया गया।
सोना छुड़ाने के लिए संबंधित खाताधारकों को बीड़ कार्यालय में प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
जमाकर्ताओं की फंसी रकम कब लौटेगी, इसे लेकर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं।
Sambhajinagar Dnyanradha Multistate Credit Society Raid Gold Seized:छत्रपति संभाजीनगर, ज्ञानराधा मल्टीस्टेट को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी की वैजापुर शाखा में बीड़ जिला उपनिबंधक कार्यालय के दल ने जांच कर अहम दस्तावेज जब्त किए। कार्रवाई के दौरान सोना गिरवी रखकर कर्ज लेने वाले 49 खाताधारकों का सोना भी कब्जे में लिया गया। सोना वापस पाने के लिए खाताधारकों को बीड़ कार्यालय में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी होगी। हालांकि, सोसायटी में जमा रकम फंसने से परेशान लोगों को पैसे वापस मिलने के बारे में अब तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है।
छत्रपति संभाजीनगर, ज्ञानराधा मल्टीस्टेट को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी में वित्तीय अनियमितताओं के चलते वैजापुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के कई खाताधारकों की करोड़ों रुपये की जमा राशि फंसी हुई है। इस बीच, शुक्रवार, 23 अक्टूबर को बीड़ जिला उपनिबंधक कार्यालय के जांच दल ने वैजापुर स्थित सोसायटी की शाखा में पहुंचकर रिकॉर्ड की पड़ताल की। इस दौरान कुछ अहम दस्तावेज जब्त किए गए। साथ ही, सोना गिरवी रखकर कर्ज लेने वाले 49 खाताधारकों का सोना भी दल ने अपने कब्जे में लिया।
अधिकारियों और कर्मचारियों का दल दोपहर करीब 12 बजे वैजापुर शहर स्थित ज्ञानराधा सोसायटी की शाखा में पहुंचा। यहां विभिन्न दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की गई। शाखा परिसर का पंचनामा करने के बाद कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी कब्जे में लिए गए।
बीड़ के जिला उपनिबंधक सतीश तोटावार ने बताया कि सोसायटी में सोना गिरवी रखकर कर्ज लेने वाले कुल 49 खाताधारकों का सोना जांच दल ने कब्जे में लिया है। उन्होंने संबंधित खाताधारकों से बीड़ जाकर जरूरी प्रक्रिया पूरी करने की अपील की। प्रक्रिया पूरी होने के बाद खाताधारक अपना सोना वापस ले सकेंगे।
शाखा में सरकारी जांच दल के पहुंचने की जानकारी मिलते ही खाताधारकों की भीड़ जमा हो गई। कई लोगों ने अपनी जमा राशि की मौजूदा स्थिति और फंसी हुई रकम वापस मिलने की संभावना के बारे में जानकारी मांगी।
सोसायटी में वित्तीय लेन-देन को लेकर पहले से परेशान खाताधारकों के बीच इस कार्रवाई के बाद भी अनिश्चितता बनी हुई है। उन्हें उम्मीद है कि शाखा के रिकॉर्ड की जांच और दस्तावेज जब्त किए जाने से वित्तीय लेन-देन की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एक ओर 49 खाताधारकों के गिरवी रखे सोने को लेकर प्रक्रिया शुरू हुई है, वहीं दूसरी ओर सोसायटी में जमा रकम फंसने वाले लोगों को राहत मिलने का इंतजार है। खाताधारकों की चिंता इस बात को लेकर है कि उनकी जमा राशि कब और किस प्रक्रिया के तहत वापस मिलेगी।
फिलहाल, जमा रकम की वापसी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। वैजापुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के जमाकर्ताओं की नजरें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।