

Sambhajinagar Reservation Sub Classification Protest: अनुसूचित जाति के आरक्षण में प्रस्तावित उपवर्गीकरण के विरोध में बुधवार को छत्रपति संभाजीनगर में हजारों लोगों का विशाल मोर्चा निकला। आनंदराज आंबेडकर के नेतृत्व में निकाले गए इस मोर्चे में महिला, युवा और वरिष्ठ नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।
हाथों में नीले झंडे, विभिन्न मांगों वाले फलक और उपवर्गीकरण तत्काल रद्द करने की मांग वाले बैनर लेकर प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे। 'जय भीम' के नारों से क्रांति चौक सहित शहर का प्रमुख क्षेत्र गूंज उठा। मोर्चा अनुशासित ढंग से विभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचा और वहां अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
शहर के क्रांति चौक से मोर्चे की शुरुआत हुई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में नागरिक इसमें शामिल होते गए। मोर्चे में केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। नीले झंडों के साथ प्रदर्शनकारियों ने अनुसूचित जाति के आरक्षण में प्रस्तावित उपवर्गीकरण का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में उपवर्गीकरण रद्द करने की मांग वाले फलक थे।
मोर्चे के दौरान लगातार 'जय भीम' के नारे लगाए जा रहे थे। इससे पूरा क्रांति चौक और आसपास का क्षेत्र नारों से गूंजता रहा। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण मोर्चे का स्वरूप विशाल जनआंदोलन जैसा दिखाई दे रहा था।
क्रांति चौक से निकला मोर्चा पैठण गेट, गुलमंडी, सिटी चौक और किलेअर्क मार्ग से होते हुए विभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने पूरी तरह अनुशासित ढंग से मोर्चा निकाला। रास्ते में नागरिकों और व्यापारियों का भी ध्यान इस विशाल प्रदर्शन की ओर आकर्षित हुआ।
विभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। अनुसूचित जाति के आरक्षण में प्रस्तावित उपवर्गीकरण तत्काल रद्द करने की मांग इस आंदोलन के केंद्र में रही।
इस आंदोलन की विशेषता महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी रही। बड़ी संख्या में महिलाएं नीले झंडे लेकर मोर्चे में शामिल हुईं। वरिष्ठ नागरिक भी पूरे उत्साह के साथ आंदोलन में सहभागी हुए। इससे मोर्चे को व्यापक सामाजिक समर्थन मिलने का संदेश गया।
आंदोलनकारियों का कहना था कि अनुसूचित जाति के आरक्षण में किसी भी प्रकार का उपवर्गीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उपवर्गीकरण के निर्णय को लेकर समाज में असंतोष है और सरकार को इस पर तत्काल पुनर्विचार करना चाहिए।
मोर्चे में उमड़ी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक बंदोबस्त किया था। मोर्चे के मार्ग पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। यातायात को सुचारु रखने के लिए प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही में बदलाव किया गया।
दोपहर 12 बजे से सभा समाप्त होने तक अण्णाभाऊ साठे चौक से विभागीय आयुक्त कार्यालय तथा उद्धवराव पाटील चौक तक का मुख्य मार्ग वाहनों के लिए पूरी तरह बंद रखा गया। इसके कारण शहर के कई हिस्सों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।
मोर्चे के दौरान पुलिस प्रशासन ने भीड़ पर नजर रखने के साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरती। यातायात पुलिस ने भीड़ के अनुसार वाहनों को वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ा।
अनुसूचित जाति के आरक्षण में उपवर्गीकरण के विरोध में राज्य के विभिन्न हिस्सों में आंदोलन चल रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में बुधवार को छत्रपति संभाजीनगर में निकाला गया यह विशाल मोर्चा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आनंदराज आंबेडकर के नेतृत्व में निकले इस मोर्चे के माध्यम से आंदोलनकारियों ने सरकार तक अपनी नाराजगी पहुंचाने का प्रयास किया।
हजारों लोगों की मौजूदगी और लगातार गूंजते 'जय भीम' के नारों से शहर में आंदोलन का माहौल बना रहा। विभागीय आयुक्त कार्यालय तक पहुंचकर आंदोलनकारियों ने अनुसूचित जाति के आरक्षण में प्रस्तावित उपवर्गीकरण तत्काल रद्द करने की मांग दोहराई। मोर्चे के कारण शहर के प्रमुख मार्गों पर कई घंटे यातायात व्यवस्था प्रभावित रही।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि अनुसूचित जाति के आरक्षण में प्रस्तावित उपवर्गीकरण के निर्णय के खिलाफ उनका विरोध जारी रहेगा। उनका कहना है कि इस मुद्दे पर सरकार को समाज की भावनाओं और व्यापक विरोध को ध्यान में रखते हुए निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। संभाजीनगर में निकला यह मोर्चा इसी मांग को लेकर शक्ति प्रदर्शन के रूप में सामने आया।