

Olympic Level Facilities In Sambhajinagar: मराठवाड़ा के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय और ओलंपिक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की दिशा में खेल परिसरों के कायाकल्प की तैयारी शुरू हो गई है। विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत ने संभाग के सभी जिला और तहसील स्तर के खेल परिसरों को आधुनिक एवं उच्चस्तरीय सुविधाओं से लैस करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने प्रत्येक जिले की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यापक विकास आराखड़ा तैयार करने तथा आवश्यक निधि के लिए 10 दिनों के भीतर प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा है। जिन जिलों में सिंथेटिक ट्रैक नहीं हैं, वहां इसके निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी।
विभागीय आयुक्त ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी केवल बड़े शहरों की सुविधाओं से तैयार नहीं होते, बल्कि प्रतिभा को शुरुआती स्तर पर ही सही प्रशिक्षण और सुविधाएं मिलना जरूरी है। इसलिए जिला और तहसील स्तर पर विभिन्न खेलों की प्रतियोगिताओं का नियमित आयोजन किया जाए। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण का अवसर उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि खेल परिसरों में केवल मैदान और इमारतें विकसित करने के बजाय खिलाड़ियों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए। विभिन्न खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैदान, प्रशिक्षण सुविधाएं और भविष्य में विस्तार की संभावनाओं को विकास योजना में शामिल किया जाए
बैठक में सभी जिलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर के सिंथेटिक ट्रैक उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।जिन जिलों में अभी तक सिंथेटिक ट्रैक नहीं हैं, वहां तत्काल विकास प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा गया। खेल परिसरों के लिए जमीन की कमी वाले स्थानों पर भी जिला प्रशासन के स्तर से प्रस्ताव तैयार कर जमीन उपलब्ध कराने के लिए नियमित रूप से प्रयास करने के निर्देश दिए गए।
जी. श्रीकांत ने कहा कि खेल परिसरों का विकास लंबी अवधि को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।इसके लिए भविष्य में विस्तार, रखरखाव और सुविधाओं के संचालन को लेकर मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) तैयार की जाए।
खेल परिसरों के विकास की प्राथमिकताएं तय करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का इस्तेमाल करने का सुझाव भी विभागीय आयुक्त ने दिया।उन्होंने वास्तुविशारदों से आधुनिक सुविधाओं को शामिल करते हुए उच्चस्तरीय विकास आराखड़ा तैयार कराने को कहा।
आवश्यक निधि के लिए प्रस्ताव तैयार कर 10 दिनों में प्रस्तुत करने के साथ ही विभिन्न स्रोतों से निधि उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को लगातार प्रयास करने के निर्देश दिए गए। निधि से संबंधित किसी अड़चन के सामने आने पर उसे संभागीय स्तर पर दूर करने का भरोसा श्रीकांत ने दिया।
निर्माणाधीन खेल परिसरों की गुणवत्ता और प्रगति की निगरानी अब ड्रोन के माध्यम से की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को ड्रोन से परिसर के फोटो और वीडियो लेकर उनके आधार पर प्रगति रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रीकांत ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
उन्होंने खेल परिसरों में खिलाड़ियों के लिए स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण सुनिश्चित करने को कहा। आधुनिक खेल सुविधाओं के साथ स्वच्छ शौचालय, नियमित रखरखाव और पर्याप्त सफाई व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
शौचालयों की सफाई के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की उपलब्धता और उन्हें समय पर उचित मानधन मिल रहा है या नहीं, इसकी जांच जिला खेल अधिकारियों को स्वयं करने को कहा गया।
सरकारी कार्यालयों में चल रहे सोमवार के स्वच्छता अभियान की तर्ज पर अब जिला और तहसील स्तर के खेल परिसरों में भी हर सोमवार सुबह 10 से 11 बजे तक स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इसमें अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे। जिला खेल अधिकारियों को अभियान में स्वयं उपस्थित रहकर नेतृत्व करने के निर्देश दिए गए हैं।
जी. श्रीकांत ने कहा कि खेल परिसर केवल खिलाड़ियों के अभ्यास का स्थान नहीं, बल्कि युवाओं में सकारात्मक सोच और अनुशासन विकसित करने का केंद्र भी होना चाहिए। इसलिए परिसर में प्रवेश करते ही स्वच्छ, व्यवस्थित, उत्साहपूर्ण और सकारात्मक वातावरण दिखाई देना चाहिए।
खेल परिसरों की इमारतों और मैदानों की नियमित मरम्मत तथा देखभाल सुनिश्चित करने के साथ परिसर में हरियाली बनाए रखने के निर्देश दिए गए इसके लिए विभिन्न स्रोतों से पानी की व्यवस्था करने तथा आवश्यकता होने पर स्वतंत्र जलशुद्धीकरण केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया गया।
बैठक में छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड, परभणी, लातूर, धाराशिव, नांदेड और हिंगोली जिलों के अधिकारियों ने तहसीलवार खेल परिसरों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं, चल रहे आधुनिकीकरण कार्यों और प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक में छत्रपति संभाजीनगर क्रीड़ा विभाग के विभागीय उपसंचालक शेखर पाटील, लातूर क्रीड़ा विभाग के विभागीय उपसंचालक मिलिंद दीक्षित सहित आठों जिलों के जिला खेल अधिकारी उपस्थित रहे।संभागीय स्तर पर खेल परिसरों के विकास की समीक्षा बैठकें आगे भी नियमित रूप से होंगी। विभागीय उपसंचालक शेखर पाटील को समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।