

कंपनियों को सूचीबद्धता, नियामकीय शर्तों और पूंजी जुटाने की प्रक्रिया समझाई जाएगी।
नागरिकों को साइबर ठगी, फर्जी ऐप और असाधारण मुनाफे के लालच से सावधान किया जाएगा।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र की पात्र गैर-लाभकारी संस्थाओं को सामाजिक शेयर बाजार के विकल्प बताए जाएंगे।
CMIA And BSE Agreement: मराठवाड़ा के उद्योगों को विस्तार के लिए पूंजी जुटाने के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। क्षेत्र की 100 कंपनियों को चालू वित्त वर्ष में शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
इस उद्देश्य से चेंबर ऑफ मराठवाड़ा इंडस्ट्रीज एंड एग्रीकल्चर (सीएमआईए) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) लिमिटेड के बीच 22 अक्टूबर को मुंबई में समझौता हुआ। इसके तहत उद्यमियों को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के माध्यम से पूंजी जुटाने की प्रक्रिया समझाई जाएगी।
साथ ही निवेशकों को सुरक्षित निवेश, साइबर ठगी से बचाव और आर्थिक नियोजन के प्रति जागरूक किया जाएगा। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाली पात्र सामाजिक संस्थाओं को भी धन जुटाने के नए विकल्पों की जानकारी दी जाएगी।
बीएसई के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदररामन राममूर्ति की उपस्थिति में दोनों संस्थाओं के बीच इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य मराठवाड़ा के उद्योगों को पूंजी बाजार से जोड़ना, कंपनियों के विस्तार के लिए वित्तीय विकल्प उपलब्ध कराना और आम नागरिकों में आर्थिक जागरूकता बढ़ाना है।
समझौते के अंतर्गत मराठवाड़ा की पात्र कंपनियों को बीएसई के मुख्य बाजार और लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए निर्धारित मंच पर सूचीबद्ध होने के अवसरों की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए उद्यमियों के लिए विशेष कार्यशालाएं, विशेषज्ञों के मार्गदर्शन सत्र और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इन कार्यक्रमों में आईपीओ के माध्यम से पूंजी जुटाने, सूचीबद्धता की प्रक्रिया, नियामकीय शर्तों और आवश्यक औपचारिकताओं को समझाया जाएगा। इससे कारोबार का विस्तार करने की इच्छुक कंपनियों को बैंक ऋण के अतिरिक्त पूंजी जुटाने के दूसरे विकल्पों की जानकारी मिलेगी। हालांकि, सूचीबद्ध होने के लिए कंपनियों को निर्धारित पात्रता और नियामकीय शर्तें पूरी करनी होंगी।
समझौते का दूसरा महत्वपूर्ण उद्देश्य वित्तीय साक्षरता बढ़ाना है। विद्यार्थियों, कारोबारियों और आम नागरिकों के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इनमें शेयर बाजार की मूलभूत जानकारी, निवेश में जोखिम, आर्थिक नियोजन और सुरक्षित निवेश के तरीकों को समझाया जाएगा।
नकली कारोबार संबंधी मोबाइल अनुप्रयोगों, साइबर धोखाधड़ी और कम समय में असाधारण लाभ दिलाने का लालच देने वाली योजनाओं से सावधान रहने की जानकारी भी दी जाएगी। डिजिटल लेन-देन के बढ़ते उपयोग के बीच नागरिकों को सोच-समझकर निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाली पात्र गैर-लाभकारी संस्थाओं को बीएसई के सामाजिक शेयर बाजार मंच की जानकारी दी जाएगी। इसके माध्यम से सामाजिक कार्यों के लिए धन जुटाने के इच्छुक संगठनों को पात्रता, आवश्यक प्रक्रिया और उपलब्ध विकल्पों से परिचित कराया जाएगा। इससे सामाजिक उपक्रमों के विस्तार के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने के नए अवसर मिल सकते हैं।
समझौते के अवसर पर बीएसई की ओर से निर्गमकर्ता संबंध एवं कॉरपोरेट बिक्री विभाग की प्रमुख राधा कीर्तिवासन, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के प्रमुख वरुण गुप्ता और उपाध्यक्ष रिद्धेश शाह उपस्थित थे।
सीएमआईए की ओर से अध्यक्ष अथर्वेशराज नंदावत, मानद सचिव अजिंक्य सावे, कोषाध्यक्ष सीए सोहम कोटक, वालूज विभाग प्रमुख हर्षित मोदाणी, व्यवसाय सुविधा प्रकोष्ठ के प्रमुख रविश सोनी और मराठवाड़ा विभाग प्रमुख अनुज बंसल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
सीएमआईए और बीएसई की इस पहल से छत्रपति संभाजीनगर के उद्योगों को पूंजी बाजार की जानकारी मिलने, निवेशकों में जागरूकता बढ़ने और सामाजिक संस्थाओं को धन जुटाने के नए विकल्पों से परिचित कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।