

Chhatrapati Sambhajinagar News: मराठवाड़ा में कुणबी, मराठा-कुणबी और कुणबी-मराठा प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को गति देने के लिए राज्य सरकार की ओर से लगातार कार्यवाही की जा रही है। अब तक प्राप्त 3 लाख 17 हजार 569 आवेदनों में से 3 लाख 16 हजार 977 नागरिकों को कुणबी प्रमाणपत्र वितरित किए जा चुके हैं।
वहीं जाति सत्यापन के लिए प्राप्त 21 हजार 51 आवेदनों में से 16 हजार 110 मामलों का निपटारा कर प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। यह जानकारी मराठी भाषा एवं उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत ने बुधवार को स्मार्ट सिटी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। इस अवसर पर विधायक प्रसाद लाड उपस्थित थे।
न्यायमूर्ति शिंदे समिति के गठन के बाद मराठवाड़ा के आठ जिलों में कुणबी प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को तेज किया गया है। छत्रपती संभाजीनगर, जालना, परभणी, हिंगोली, नांदेड, बीड, लातूर और धाराशिव जिलों में कुल 3 लाख 17 हजार 569 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 3 लाख 16 हजार 977 प्रमाणपत्र वितरित किए जा चुके हैं। इसके अलावा 10 प्रतिशत आरक्षण के संदर्भ में 2 लाख 95 हजार 305 प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं।
मंत्री डॉ। सामंत ने बताया कि मराठवाड़ा में जाति सत्यापन के लिए कुल 21 हजार 51 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 16 हजार 110 मामलों का निपटारा कर संबंधित नागरिकों को प्रमाणपत्र दिए गए हैं। केवल 64 मामलों को अस्वीकृत किया गया है, जो कुल आवेदनों का लगभग 0.3 प्रतिशत है। शेष मामलों पर नियमानुसार कार्यवाही जारी है। नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज और प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए पुराने अभिलेखों के माध्यम से भी नागरिकों को बड़ी सुविधा मिली है। अब तक खोजी गई 57 लाख पुरानी प्रविष्टियां जनता के अवलोकन के लिए उपलब्ध करा दी गई हैं। इन अभिलेखों की जानकारी ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाने तथा नागरिकों को आवश्यक जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने के लिए 10 से 17 सितंबर तक विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।
न्यायमूर्ति शिंदे समिति का मराठवाड़ा दौरा 7 सितंबर से शुरू हो चुका है। इसके तहत विभागीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर प्रमाणपत्र और जाति सत्यापन संबंधी कार्यवाही की समीक्षा की जा रही है। बैठक में उपविभागीय अधिकारी, जिलाधिकारी तथा जाति सत्यापन समितियों के प्रमुख अधिकारी शामिल हुए। स्थानीय स्तर पर कार्यवाही को अधिक प्रभावी बनाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों और जिला प्रशासन के बीच समन्वय पर भी चर्चा हुई।
मंत्री डॉ. सामंत ने बताया कि हैदराबाद गजट के आधार पर प्रमाणपत्र जारी करने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। इस संबंध में प्राप्त आवेदनों पर महाधिवक्ता से कानूनी राय ली जाएगी। इसके साथ ही सातारा और कोल्हापुर गजट लागू करने के संबंध में भी सरकार की सकारात्मक भूमिका है।
डॉ. सामंत ने कहा कि मराठा समाज को न्याय दिलाने के लिए संविधान और न्यायिक व्यवस्था के दायरे में रहकर आवश्यक कार्यवाही करने के लिए सरकार पूरी तरह सकारात्मक है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली सरकार मराठा समाज को कानूनी और स्थायी आरक्षण दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण और उनके अधिकारों पर किसी प्रकार का प्रभाव न पड़े, इसका भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
सरकार की ओर से प्रमाणपत्र वितरण, पुराने अभिलेखों की उपलब्धता और जाति सत्यापन संबंधी कार्यवाही की जानकारी संबंधित नागरिकों तक पहुंचाई जा रही है। प्रक्रिया को अधिक तेज, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने के लिए प्रशासन स्तर पर लगातार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।