

Sambhajinagar Drought Assessment NDRF Assistance: महाराष्ट्र में सूखे और पानी की कमी की स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय दल 8 से 10 अक्टूबर तक तीन दिवसीय दौरे पर रहेगा। दल संभाजीनगर, जालना और बीड के प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करेगा। रिपोर्ट के आधार पर NDRF से आर्थिक सहायता को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
छत्रपति संभाजीनगर। केंद्रीय दल के सदस्य गुरुवार, 8 अक्टूबर को सुबह 7.30 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। इसके बाद सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक मंत्रालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक होगी।
बैठक में राज्य में सूखे की स्थिति, फसल क्षति, जल संकट और प्रभावित क्षेत्रों से संबंधित जानकारी केंद्रीय दल के समक्ष रखी जाएगी। दोपहर 2.30 बजे के बाद दल के सदस्य निर्धारित क्षेत्रों के लिए रवाना होंगे।
मराठवाड़ा का दल शाम करीब 7.30 बजे नवी मुंबई से विमान द्वारा छत्रपति संभाजीनगर पहुंचेगा। रात 9 बजे विश्राम के बाद विभागीय आयुक्त के साथ बैठक होगी। इस दौरान क्षेत्र में सूखे की स्थिति और प्रशासन की ओर से किए गए उपायों की जानकारी ली जाएगी।
9 अक्टूबर को केंद्रीय दल छत्रपति संभाजीनगर और जालना जिले के कम वर्षा वाले क्षेत्रों का निरीक्षण करेगा। संभाजीनगर के शेंद्रा क्षेत्र के अलावा जालना जिले के नानेगांव, किनगांववाड़ी, जामखेड और अंबड़ क्षेत्र में खेतों का जायजा लिया जाएगा।
इस दौरान फसलों की स्थिति, बारिश की कमी से हुए नुकसान और किसानों के सामने पैदा हुई समस्याओं की जानकारी ली जाएगी। स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ किसानों से प्राप्त जानकारी भी केंद्रीय दल की रिपोर्ट में शामिल की जाएगी।
दौरे के अंतिम दिन 10 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक बीड जिले के सूखा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया जाएगा। इसमें मंजरसुंभा-खंडाला, पैद्य किन्ही, सोनेगांव और पाटोदा तहसील के क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
इसके बाद दोपहर में बीड जिलाधिकारी के साथ समीक्षा बैठक होगी। बैठक में सूखे से उत्पन्न स्थिति, फसल क्षति, जल संकट और आवश्यक राहत उपायों पर चर्चा होगी।
केंद्रीय दल के निरीक्षण के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट में सूखे से हुए नुकसान, फसलों की स्थिति, पानी की समस्या और किसानों की परेशानियों का विस्तृत उल्लेख किया जाएगा। रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपे जाने के बाद महाराष्ट्र को NDRF से आर्थिक सहायता देने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
ऐसे में मराठवाड़ा सहित राज्य के सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए केंद्रीय दल का तीन दिवसीय दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।