

Sambhajinagar Municipal Corporation: मराठवाड़ा में सूखे जैसे हालात बन चुके हैं। पिछले करीब डेढ़ माह से बारिश के गायब रहने के कारण आने वाले दिनों में जल संकट गहराने की आशंका है।
शहर को पानी देने वाला जायकवाडी बांध भले ही इस समय लबालब हो, लेकिन दिसंबर के बाद तेज धूप पड़ने का अनुमान है। इससे बांध के पानी का बड़े पैमाने पर वाष्पीकरण होने की आशंका है। ऐसे में शहरवासियों को अभी से पानी के उपयोग में भारी कटौती करनी होगी।
पानी की एक-एक बूंद बचाने की अपील करते हुए मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने साफ चेतावनी दी है कि जलापूर्ति के समय सड़क पर पानी बहाने वालों पर अब सख्त कार्रवाई होगी और 10 हजार रुपए तक जुर्माना लगाया जाएगा।
सोमवार शाम पत्रकारों से बातचीत में आयुक्त अमोल येडगे ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की स्थिति अभी से गंभीर होती जा रही है। शहर के लिए राहत की बात यह रही कि वर्षा ऋतु की शुरुआत में नाशिक क्षेत्र में अच्छी बारिश हुई, जिससे जायकवाडी बांध पर्याप्त भर गया। यदि उस समय पर्याप्त वर्षा नहीं होती तो शहर की स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।
आयुक्त येडगे ने बताया कि शहर के कई क्षेत्रों में जलापूर्ति शुरू होते ही कुछ नागरिक जानबूझकर पानी सड़क पर बहाते हैं। इसे अब किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिस क्षेत्र में जलापूर्ति की जाएगी, वहां मनपा प्रशासन द्वारा गठित विशेष कार्यबल दौरा करेगा। जलापूर्ति के दौरान पानी का दुरुपयोग करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर 10 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
शहर में अवैध नल कनेक्शनों के खिलाफ भी मनपा जल्द बड़ा अभियान शुरू करेगी। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान मिलने वाले अवैध कनेक्शनों को तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इससे जलापूर्ति व्यवस्था पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव को कम करने का प्रयास किया जाएगा।
मनपा प्रशासन ने जलापूर्ति की पाइपलाइनों में होने वाले रिसाव को भी गंभीरता से लिया है। शहर के जिन क्षेत्रों में पानी की पाइपलाइन में रिसाव है, वहां विशेष अभियान चलाकर रिसाव के स्थानों की पहचान की जाएगी और उन्हें तत्काल बंद करने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि पाइप लाइन के रिसाव से बड़ी मात्रा में पानी व्यर्थ जाता है। इसे रोककर उपलब्ध पानी का अधिक प्रभावी उपयोग किया जा सकता है।
जायकवाडी बांध में पर्याप्त पानी होने के बावजूद मनपा प्रशासन अभी से सावधानी बरत रहा है। दिसंबर के बाद तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण बांध के जलस्तर पर वाष्पीकरण का प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा बारिश में लंबे अंतराल की स्थिति बनी रही तो आगामी महीनों में शहर की जलापूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है। इसी कारण प्रशासन ने नागरिकों से पानी के उपयोग में अभी से अनुशासन बरतने की अपील की है।
आयुक्त येडगे ने नागरिकों से कहा कि जलापूर्ति के समय जरूरत से अधिक पानी न लें, नलों को खुला न छोड़ें और किसी भी परिस्थिति में पानी सड़क पर न बहाएं। उन्होंने संकेत दिया कि अब पानी की बर्बादी करने वालों के खिलाफ केवल अपील तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जुर्माना और अन्य कठोर कदम भी उठाए जाएंगे।
मनपा प्रशासन की इस चेतावनी के बाद अब जलापूर्ति के समय सड़क पर बहता पानी रोकना नागरिकों की जिम्मेदारी के साथ-साथ प्रशासन की प्राथमिकता भी होगी। आने वाले महीनों में पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए बांध में मौजूद पानी से ज्यादा महत्वपूर्ण उसकी बचत होगी।