छत्रपति संभाजीनगर और सातारा-देवलाई के नो-नेटवर्क क्षेत्रों को नए साल में पानी की उम्मीद, 200 मजदूर होंगे तैनात

Chhatrapati Sambhajinagar New Water Supply Relief: संभाजीनगर के नो-नेटवर्क क्षेत्रों में पाइपलाइन के अधूरे काम पूरे करने के लिए 200 अतिरिक्त मजदूर लगाए जाएंगे, दो महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य।
Chhatrapati Sambhajinagar New Water Supply Relief
छत्रपति संभाजीनगर नई जल आपूर्ति राहतसोर्स: सोशल मीडिया
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Highlights

  • जलगांव महानगरपालिका में आयुक्त कार्यालय के पास बाहरी निजी व्यक्तियों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठे।

  • अमृत-2, एन-कैप और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं से जुड़ी फाइलों तक पहुंच होने का दावा।

  • ठेकेदारों के बिलों के भुगतान के बदले 40 से 50 लाख रुपये तक कथित कमीशन वसूली के आरोप।

  • मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठकों में अनधिकृत लोगों की मौजूदगी का भी दावा।

  • निजी व्यक्तियों की नियुक्ति, सरकारी दस्तावेजों तक पहुंच और वित्तीय लेन-देन की स्वतंत्र जांच की मांग।

Chhatrapati Sambhajinagar Water Supply Project Satara Deolai Network:छत्रपति संभाजीनगर में नई जलापूर्ति योजना पूरी होने के बावजूद पाइपलाइनों के अधूरे जोड़ के कारण सातारा-देवलाई समेत कई नो-नेटवर्क क्षेत्रों के नागरिकों को अब तक नियमित पानी नहीं मिल पाया है। इस समस्या को दूर करने के लिए महानगरपालिका और महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण 14 जलकुंभों से जुड़ी वितरण पाइपलाइनों में छूटे हुए हिस्सों की पहचान कर उन्हें जोड़ेंगे।

सातारा-देवलाई समेत नो-नेटवर्क क्षेत्रों को नए साल में पानी मिलने की उम्मीद

काम में तेजी लाने के लिए मौजूदा 300 मजदूरों के अलावा 200 अतिरिक्त श्रमिक लगाए जाएंगे। मनपा आयुक्त अमोल येड़गे के मुताबिक, अधूरे काम को पूरा करने में डेढ़ से दो महीने लग सकते हैं। पाइपलाइन बिछाने और जोड़ने का काम पूरा होने के बाद पानी छोड़कर जांच और सफाई की जाएगी। इसके बाद नए नल कनेक्शन और जलापूर्ति शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, नागरिकों को नियमित पानी कब से मिलेगा, यह काम पूरा होने और आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

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200 अतिरिक्त मजदूर लगाए जाएंगे

छत्रपति संभाजीनगर, नई जलापूर्ति योजना पूरी होने के बावजूद वितरण पाइपलाइनों में खामियों के कारण पानी का इंतजार कर रहे सातारा-देवलाई समेत कई नो-नेटवर्क क्षेत्रों के नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है। महानगरपालिका और महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (मजीप्रा) ने इन इलाकों में पाइपलाइनों के अधूरे हिस्सों को जोड़ने का काम तेज करने की तैयारी की है।

इस काम के लिए मौजूदा 300 मजदूरों के अलावा 200 अतिरिक्त श्रमिक लगाए जाएंगे। मनपा आयुक्त अमोल येड़गे ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि अधूरे काम को पूरा करने में डेढ़ से दो महीने लगने की संभावना है।

14 जलकुंभों से जुड़ी पाइपलाइनों में खामियां

नई जलापूर्ति योजना के तहत जलकुंभों से जुड़ी आंतरिक वितरण पाइपलाइनें दो से तीन साल पहले बिछाई गई थीं। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर पाइपलाइन के हिस्से और जोड़ अधूरे रह गए, जिससे संबंधित क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति शुरू करने में बाधाएं आ रही हैं।

अब महानगरपालिका और मजीप्रा इन इलाकों के 14 जलकुंभों से जुड़ी पाइपलाइनों की जांच करेंगे। जहां पाइपलाइन का हिस्सा छूटा है, वहां उसकी पहचान कर आवश्यकतानुसार नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी और अधूरे जोड़ पूरे किए जाएंगे।

काम में तेजी लाने के लिए 200 अतिरिक्त मजदूर

प्रशासन ने ठेकेदार को निर्धारित समय में काम पूरा करने के लिए श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल परियोजना पर लगभग 300 मजदूर काम कर रहे हैं। अब 200 अतिरिक्त श्रमिक उपलब्ध कराने की तैयारी है, ताकि अलग-अलग स्थानों पर पाइपलाइन के अधूरे हिस्सों को तेजी से पूरा किया जा सके।प्रशासन का लक्ष्य है कि अगले डेढ़ से दो महीने में आवश्यक काम पूरा कर लिया जाए। हालांकि, वास्तविक समयसीमा काम की प्रगति और पाइपलाइनों की स्थिति पर निर्भर करेगी।

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जांच और सफाई के बाद शुरू होगी जलापूर्ति

पाइपलाइन बिछाने और जोड़ने का काम पूरा होने के बाद उनमें पानी छोड़कर जांच की जाएगी। इसके साथ ही सफाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, ताकि जलापूर्ति शुरू करने से पहले पाइपलाइन की स्थिति सुनिश्चित की जा सके। इसके बाद नए नल कनेक्शन देने और संबंधित क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

नागरिकों को नियमित पानी का इंतजार

सातारा-देवलाई समेत नई जलापूर्ति योजना के नेटवर्क से अब तक बाहर रहे क्षेत्रों के लिए आने वाले डेढ़ से दो महीने महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। पाइपलाइनों की खामियां दूर होने और जांच की प्रक्रिया पूरी होने पर इन इलाकों में जलापूर्ति शुरू करने का रास्ता साफ हो सकता है। हालांकि, नियमित पानी की आपूर्ति किस तारीख से शुरू होगी, इसकी निश्चित घोषणा अभी नहीं हुई है। नागरिकों को राहत मिलने का समय अधूरे काम को पूरा करने और उसके बाद की आवश्यक प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा।

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