

EWS-LIG आवास योजना के कथित उल्लंघन पर म्हाडा की कार्रवाई।
23 डेवलपर्स के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग।
पांच परियोजनाओं में निर्धारित फ्लैट हस्तांतरित नहीं किए जाने का आरोप।
18 परियोजनाओं में आरक्षित भूखंड मंडल को नहीं सौंपे जाने की जानकारी।
नियमों के तहत 4,000 वर्गमीटर या उससे बड़े निजी भूखंडों के विकास में 20% क्षेत्र आरक्षित रखने का प्रावधान।
Sambhajinagar MHADA EWS LIG Housing Scheme Builders FIR: छत्रपति संभाजीनगर में सर्वसमावेशक आवास योजना के नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर म्हाडा ने 23 डेवलपर्स के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। मंडल के अनुसार, पांच परियोजनाओं में निर्धारित फ्लैट और 18 परियोजनाओं में भूखंड हस्तांतरित नहीं किए गए। म्हाडा के मुख्य अधिकारी वैभव केदारे ने इस संबंध में पुलिस आयुक्त को पत्र भेजा है।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और अल्प आय वर्ग (LIG) के नागरिकों को किफायती आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू सर्वसमावेशक आवास योजना के कथित उल्लंघन को लेकर म्हाडा ने सख्त रुख अपनाया है। छत्रपति संभाजीनगर गृहनिर्माण व क्षेत्रविकास मंडल ने 23 डेवलपर्स के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
मंडल के मुख्य अधिकारी वैभव केदारे ने इस संबंध में पुलिस आयुक्त को पत्र भेजा है। म्हाडा के अनुसार, मुख्य सतर्कता एवं सुरक्षा विभाग की जांच में योजना के नियमों के उल्लंघन से संबंधित मामला सामने आया है।
म्हाडा (mhada) का आरोप है कि पांच परियोजनाओं में निर्धारित फ्लैट और 18 परियोजनाओं में भूखंड मंडल को हस्तांतरित नहीं किए गए। योजना के तहत आरक्षित आवास और भूखंड उपलब्ध नहीं होने से पात्र लाभार्थियों को नुकसान होने की आशंका जताई गई है।
इसी आधार पर मंडल ने संबंधित डेवलपर्स के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। फिलहाल पुलिस आयुक्त को पत्र भेजकर FIR दर्ज करने की मांग की गई है। मामला दर्ज होने और आगे की कार्रवाई की स्थिति पुलिस की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
महाराष्ट्र एकीकृत विकास नियंत्रण एवं संवर्धन विनियम, 2020 के नियम 3.8.2 के अनुसार, महानगरपालिका क्षेत्र में 4,000 वर्गमीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले निजी भूखंड के विकास में 20 प्रतिशत क्षेत्र सर्वसमावेशक आवास योजना के लिए आरक्षित रखने का प्रावधान है।
इस प्रावधान का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और अल्प आय वर्ग के नागरिकों को किफायती आवास उपलब्ध कराना है। म्हाडा का कहना है कि संबंधित डेवलपर्स ने निर्धारित फ्लैट या भूखंड मंडल को हस्तांतरित नहीं किए। अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के बालासाहेब नरवड़े, पुष्पानंद नितनवरे, नरेश वरते, संतोष त्रिभुवन, राहुल जोशी, जयदीप दाभाड़े और सचिन त्रिभुवन ने दावा किया है कि उनके लगातार प्रयासों के कारण यह मामला सामने आया।
अब पुलिस की कार्रवाई और संबंधित परियोजनाओं में नियमों के अनुपालन की स्थिति पर नजर रहेगी।