नागपुर में निवेश के नाम पर 12.20 करोड़ की ठगी का आरोप, रामदेव बाबा बिल्डर्स के 5 संचालकों पर FIR

Nagpur Ramdeobaba Builders Fraud:नागपुर में पूर्व महाधिवक्ता जुगलकिशोर गिल्डा और उनके परिवार से 12.20 करोड़ रुपये की कथित निवेश धोखाधड़ी के मामले में रामदेव बाबा बिल्डर्स के पांच संचालकों पर FIR दर्ज।
Nagpur Investment Fraud Ramdev Baba Builders MPID Act
नागपुर रामदेवबाबा बिल्डर्स फ्रॉडसोर्स: सोशल मीडिया
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Highlights

  • जुगलकिशोर गिल्डा और उनके परिवार से 12.20 करोड़ रुपये निवेश कराने का आरोप।

  • 28 से 29 महीने में रकम दोगुनी करने का दिया गया था कथित भरोसा।

  • रामदेव बाबा बिल्डर्स एंड डेवलपर्स के पांच संचालकों के खिलाफ FIR।

  • सुरक्षा के तौर पर दिए गए पोस्ट-डेटेड चेक बाउंस होने की शिकायत।

  • न्यायालय के आदेश के बाद सीताबर्डी पुलिस ने दर्ज किया मामला।

Nagpur Investment Fraud Ramdev Baba Builders MPID Act: नागपुर में निवेश की रकम 28 से 29 महीने में निवेश की रकम दोगुनी करने का भरोसा और आकर्षक ब्याज का लालच देकर 12.20 करोड़ रुपये लेने का आरोप सामने आया है। नागपुर में छत्तीसगढ़ के पूर्व महाधिवक्ता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता जुगलकिशोर गिल्डा और उनके परिवार से कथित निवेश धोखाधड़ी के मामले में रामदेव बाबा बिल्डर्स एंड डेवलपर्स प्रा.लि. के पांच संचालकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। न्यायालय के आदेश के बाद सीताबर्डी पुलिस ने MPID एक्ट और धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं के तहत जांच शुरू की है।

28 से 29 महीने में रकम दोगुनी करने का भरोसा

शिकायत के मुताबिक, गिल्डा परिवार और चांडक परिवार के बीच पुराने संबंध थे। इसी दौरान वर्ष 2009 से निवेश की शुरुआत हुई। आरोप है कि निवेश की रकम 28 से 29 महीने में दोगुनी करने और आकर्षक ब्याज देने का लालच दिया गया।

गिल्डा, उनकी पत्नी सुनीता और बेटे अनूप ने चेक तथा नकद के माध्यम से आरोपियों के पास कुल 12.20 करोड़ रुपये निवेश किए। शिकायतकर्ता का कहना है कि निर्धारित समयावधि पूरी होने के बाद भी उन्हें मूलधन और मुनाफे की राशि नहीं मिली।

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सुरक्षा के लिए दिए गए चेक भी बाउंस

शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने निवेश की सुरक्षा के तौर पर पोस्ट-डेटेड चेक दिए थे। हालांकि, बैंक में जमा करने पर सभी चेक बाउंस हो गए। इसके बाद गिल्डा ने पुलिस से शिकायत की और रकम वापस दिलाने के साथ संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

पहले बेची जा चुकी संपत्ति का भी आरोप

मामले में यह आरोप भी लगाया गया है कि आरोपियों ने संपत्ति देने का करार किया था, लेकिन संबंधित संपत्ति पहले ही बेची जा चुकी थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस घटनाक्रम से उन्हें आरोपियों द्वारा अन्य लोगों के साथ भी कथित धोखाधड़ी किए जाने की जानकारी मिली।

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न्यायालय के आदेश पर FIR

शिकायत के अनुसार, पुलिस और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) से कार्रवाई नहीं होने पर गिल्डा ने न्यायालय का रुख किया। MPID कोर्ट में सुनवाई के बाद पुलिस को मामला दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया गया। इसके बाद सीताबर्डी पुलिस ने रामदेव बाबा बिल्डर्स के संचालक गोपाल हरिकिशन चांडक, मोहन हरिकिशन चांडक, शारदादेवी चांडक, गणेश विठ्ठलदास चांडक और सुजाता मोहन चांडक के खिलाफ मामला दर्ज किया। सभी आरोपी वर्धा जिले के आर्वी के निवासी बताए गए हैं।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपों की पुष्टि और निवेश की रकम के लेन-देन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

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