

Sambhajinagar King Is Back Reel Case: न्यायालय से जमानत मिलते ही सार्वजनिक सड़क पर पटाखे फोड़कर जश्न मनाना और कार की सनरूफ से बाहर निकलकर शक्ति प्रदर्शन करना सचिन कुसालकर और उसके साथियों को भारी पड़ गया। जश्न का वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर प्रसारित किया गया। वीडियो के साथ ‘किंग इज बैक@सचिन कुसालकर’ लिखा गया था। पुलिस ने वीडियो के आधार पर 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सिडको पुलिस के अनुसार, सचिन अण्णा कुसालकर को एक मामले में न्यायालय ने कुछ शर्तों के साथ जमानत दी थी। जमानत मिलने के बाद 19 सितंबर को उसके साथियों ने रामलीला मैदान के सामने सार्वजनिक सड़क पर उसका स्वागत किया। इस दौरान पटाखे फोड़े गए। इसके बाद सचिन कुसालकर को एक कार की सनरूफ से बाहर निकलते हुए दिखाया गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाया गया और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।
पुलिस की शिकायत के अनुसार, चेतन जालिंदर गुंजाल के इंस्टाग्राम खाते से यह वीडियो प्रसारित किया गया। वीडियो में जमानत पर बाहर आए सचिन कुसालकर का महिमामंडन करते हुए ‘किंग इज बैक@सचिन कुसालकर’ लिखा गया था। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की।
इस मामले में सिडको पुलिस थाने के पुलिसकर्मी अमोल अंभोरे ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर सचिन कुसालकर, किशोर किसन क्षत्रिय, चेतन जालिंदर गुंजाल, सचिन काले, अनिल केदार, अमोल धनवट, भरत गायके, गंगा निकम, गणेश काले, दिनेश धायडे, जगदीश खरातकर और उनके दो अन्य साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, जश्न के दौरान चार वाहनों का इस्तेमाल किया गया। इनमें काली हुंडई वरना क्रमांक एमएच-26-बीसी-5686, बिना क्रमांक की लाल कार, काली स्विफ्ट क्रमांक एमएच-57-2422 और लाल मोपेड क्रमांक एमएच-20-एचई-8609 शामिल हैं।
शिकायत के अनुसार, सार्वजनिक सड़क पर पटाखे फोड़ने और वाहनों के साथ शक्ति प्रदर्शन करने के साथ पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया गया। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 352, 281, 189(2), 191(2) तथा मोटर वाहन कानून की धारा 123(3) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस उपनिरीक्षक अनिल नाणेकर मामले की जांच कर रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, सचिन कुसालकर के खिलाफ पहले भी गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। करीब तीन महीने पहले सिडको पुलिस ने उसे अपहरण के एक मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद वह न्यायिक हिरासत में था। न्यायालय से शर्तों के साथ जमानत मिलने के बाद उसके साथियों ने सार्वजनिक रूप से उसका स्वागत किया। पुलिस उपनिरीक्षक अनिल नाणेकर के अनुसार, किशोर क्षत्रिय के खिलाफ भी एमआईडीसी वालुज पुलिस थाने में मारपीट का मामला दर्ज है।
पुलिस के अनुसार, 13 जुलाई को एन-6 क्षेत्र में किश्तें बकाया होने के कारण अजिनाथ ठोंबरे की गाड़ी जब्त की गई थी। इसी बात को लेकर अजिनाथ ठोंबरे, जयदीप गायकवाड़, सचिन अण्णा कुसालकर और उसके चालक ने शिकायतकर्ता के भाई का कथित रूप से अपहरण किया था। इस मामले में सचिन कुसालकर को गिरफ्तार किया गया था।
बाद में न्यायालय ने उसे कुछ शर्तों के साथ जमानत दी। जमानत मिलने के बाद 19 सितंबर को उसके साथियों ने रामलीला मैदान के सामने सार्वजनिक सड़क पर स्वागत समारोह आयोजित किया। पटाखों के बीच सनरूफ से बाहर निकलकर किए गए शक्ति प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस ने अब 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।