

Illegal Plotting Row In Municipal Meeting: छत्रपति संभाजीनगर मनपा की स्थायी समिति की शुक्रवार को हुई बैठक में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा उस समय राजनीतिक और व्यक्तिगत विवाद में बदल गया, जब AIMIM नगरसेवक अजहर पठान और भाजपा पार्षदों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
पठान ने हर्सूल सहित शहर में अवैध प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ मनपा की कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए लेनदेन, सरकारी दर और धन के स्रोत जैसे विषयों पर चर्चा शुरू की। भाजपा नगरसेवकों ने इसे मूल मुद्दे से भटका हुआ बताते हुए आपत्ति जताई।
मामला इतना बढ़ा कि सभापति अनिल मकरिये को हस्तक्षेप करना पड़ा। बार-बार समझाने के बावजूद पठान के बोलते रहने पर सभापति ने उन्हें सदन से बाहर भेजने की चेतावनी दी। इसके बाद पठान ने अपनी बात रोक दी।
4 सितंबर को हुई बैठक में अजहर पठान ने हर्सूल सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में अवैध प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ मनपा की कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि इस तरह की गतिविधियों से जमीन के लेनदेन में बड़ी रकम का कारोबार होता है और सरकारी दर तथा वास्तविक कीमत के बीच अंतर के कारण मनपा को राजस्व का नुकसान होता है।
पठान अपनी बात आगे बढ़ा रहे थे, तभी सभापति मकरिये ने उन्हें विषय तक सीमित रहने और संक्षेप में अपनी बात रखने को कहा। सभापति का कहना था कि चर्चा को व्यक्तिगत मामलों या अनावश्यक आरोपों की ओर नहीं ले जाया जाना चाहिए।
भाजपा नगरसेवक सुरेंद्र कुलकर्णी ने भी पठान की चर्चा पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि धन के स्रोत और सरकारी दर जैसे मुद्दों का अवैध प्लाटिंग पर हो रही मनपा की कार्रवाई से क्या सीधा संबंध है। उन्होंने बैठक में नागरिकों की समस्याओं और शहर के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने की बात कही।
इसी दौरान भाजपा नगरसेवक राजगौरव वानखेड़े ने बातचीत में एमआईएम का उल्लेख करते हुए पठान की भूमिका पर प्रतिक्रिया दी। पठान ने किसी राजनीतिक दल का नाम लिए जाने पर आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों के बीच बहस और तीखी हो गई। सभापति ने पठान को विषय समाप्त करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने अपनी बात जारी रखने की बात कही।
लगातार बहस बढ़ने पर सभापति अनिल मकरिये ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन में किसी भी नगरसेवक के व्यक्तिगत मामले नहीं उठाए जाएंगे और चर्चा निर्धारित विषय तक सीमित रखी जाएगी। पठान के अपनी सीट पर नहीं बैठने पर सभापति ने उन्हें सदन से बाहर निकालने की चेतावनी दी। इसके बाद पठान शांत हुए और अपनी सीट पर बैठ गए।
बैठक में AIMIM के तीन अन्य नगरसेवक भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने इस विवाद में हस्तक्षेप नहीं किया। इससे कुछ समय तक बैठक का माहौल तनावपूर्ण रहा, हालांकि बाद में कामकाज आगे बढ़ाया गया।
बैठक के बाद मनपा के गलियारों में इस बहस को लेकर अलग-अलग चर्चाएं शुरू हो गईं। हर्सूल क्षेत्र में मनपा ने हाल ही में कुछ अवैध प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें कुछ लोगों के राजनीतिक दलों से जुड़े होने की चर्चा है। इसी पृष्ठभूमि में पठान द्वारा अवैध प्लॉटिंग का मुद्दा उठाए जाने को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
हालांकि बैठक में हुई बहस के दौरान व्यक्तिगत आरोपों को लेकर कोई औपचारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया। सभापति ने भी चर्चा को व्यक्तिगत स्तर पर जाने से रोकते हुए सदन की मर्यादा बनाए रखने पर जोर दिया।
दिलचस्प बात यह रही कि इसी बैठक में अजहर पठान ने छत्रपति संभाजीनगर मनपा के अतिक्रमण विभाग के सनियंत्रण अधिकारी संतोष वाहुले की प्रशंसा भी की। हर्सूल क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ मनपा की कार्रवाई के लिए उन्होंने वाहुले के प्रयासों की सराहना की और उनका अभिनंदन किया।
इस तरह एक ओर अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई को लेकर सदन में तीखी बहस हुई, वहीं दूसरी ओर कार्रवाई करने वाले अधिकारी की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा भी की गई। पूरे घटनाक्रम ने स्थायी समिति की बैठक को राजनीतिक बहस और व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप के कारण चर्चा में ला दिया।