

Chhatrapati Sambhajinagar Helmet Drive: सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से छत्रपति संभाजीनगर पुलिस ने बिना हेल्मेट दोपहिया वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार के निर्देश पर मंगलवार, 1 सितंबर को शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर विशेष अभियान चलाकर 4,920 दोपहिया वाहनचालकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान संबंधित वाहनचालकों पर कुल 40 लाख 93 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि अब तक 27 हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया गया है।
पुलिस प्रशासन के अनुसार, शहर में दोपहिया वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहनचालकों की मृत्यु का प्रमाण भी चिंताजनक है। गंभीर दुर्घटनाओं में सिर पर चोट लगने से मृत्यु अथवा गंभीर रूप से घायल होने की घटनाएं सामने आती हैं। इसी कारण नागरिकों को हेल्मेट के उपयोग के प्रति जागरूक करने के साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है।
हेल्मेट अभियान के तहत यातायात विभाग और शहर के सभी पुलिस थानों की टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। पुलिस ने मंगलवार को दो चरणों में जांच अभियान चलाया। सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक तथा शाम 5 बजे से 7 बजे तक शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर बिना हेल्मेट वाहन चलाने वालों की जांच की गई।
इस दौरान हर्सूल टी-प्वाइंट, मुकुंदवाडी चौक, जलगांव टी-प्वाइंट, कैम्ब्रिज चौक, हाईकोर्ट सिग्नल, सेवन हिल, दुर्गा चौक, आकाशवाणी चौक, अमरप्रीत चौक, क्रांति चौक, सेशन कोर्ट, महावीर चौक, रेलवे स्टेशन चौक, कार्तिकी चौक, मिल कॉर्नर चौक, नगरनाका, ए।एस। क्लब चौक, ओएसिस चौक और कामगार चौक सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर वाहनचालकों की जांच की गई। पुलिस की टीमों ने हेल्मेट के बिना दोपहिया वाहन चलाने वालों को रोककर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की। इस अभियान के दौरान बड़ी संख्या में वाहनचालक पुलिस की कार्रवाई की चपेट में आए।
पुलिस प्रशासन की ओर से बताया गया कि शहर में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहनचालकों के घायल होने और मृत्यु के मामले बड़ी संख्या में सामने आते हैं। हेल्मेट सिर को गंभीर चोट से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके बावजूद कई वाहनचालक हेल्मेट का इस्तेमाल नहीं करते हैं।
पुलिस के अनुसार, हेल्मेट पहनने की अनिवार्यता केवल यातायात नियमों का पालन कराने तक सीमित नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य वाहनचालक और उसके पीछे बैठने वाले व्यक्ति के जीवन की सुरक्षा करना है। इसी कारण पुलिस ने अब बिना हेल्मेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने का निर्णय लिया है।
यातायात पुलिस की ओर से केवल हेल्मेट की जांच ही नहीं, बल्कि यातायात नियमों के पालन पर भी जोर दिया जा रहा है। निर्धारित गति सीमा से अधिक गति में वाहन चलाने, नियमों का उल्लंघन करने तथा लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या को कम करना है। इस कार्रवाई में पुलिस उपायुक्त शर्मिष्ठा घारगे-वालावलकर, पुलिस उप आयुक्त मुख्यालय सुभाष भुजंग, सहायक पुलिस आयुक्त यातायात तथा संबंधित पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में यातायात शाखा और पुलिस थानों के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना हेल्मेट दोपहिया वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में भी शहर के विभिन्न हिस्सों में जांच और दंडात्मक कार्रवाई तेज की जाएगी। विशेष रूप से प्रमुख चौक-चौराहों, यातायात सिग्नल और अधिक भीड़ वाले मार्गों पर वाहनचालकों की जांच की जाएगी।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि हेल्मेट केवल पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपने जीवन की सुरक्षा के लिए पहनें। दोपहिया वाहन चलाते समय चालक के साथ पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेल्मेट का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके साथ ही वाहनचालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने और अन्य यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने का आह्वान किया गया है। पुलिस प्रशासन का संदेश साफ है कि सड़क सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा और नियम तोड़ने वाले वाहनचालकों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।