

3000 Police Security On Ganesh Visarjan: गणेश उत्सव के विसर्जन को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए छत्रपति संभाजीनगर शहर पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार के मार्गदर्शन में शहर में पुलिस बल के साथ राज्य आरक्षित पुलिस बल, त्वरित कार्रवाई बल, आरसीपी दल और गृह रक्षकों को तैनात किया गया है।
25 सितंबर को होने वाले सार्वजनिक गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान प्रमुख विसर्जन मार्गों के साथ सिडको-हडको, नया छत्रपति संभाजीनगर और एमआईडीसी वालुज क्षेत्र में भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी।
शहर में इस वर्ष 941 सार्वजनिक गणेश मंडल हैं। इनमें परिमंडल-1 में 409 और परिमंडल-2 में 532 मंडल शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 1 लाख 65 हजार घरेलू गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। छावनी क्षेत्र की गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन 26 सितंबर को होगा।
विसर्जन व्यवस्था के लिए 4 पुलिस उपायुक्त, 7 सहायक पुलिस आयुक्त, 38 पुलिस निरीक्षक, 147 सहायक पुलिस निरीक्षक एवं पुलिस उपनिरीक्षक तथा 2,434 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा राज्य आरक्षित पुलिस बल की एक कंपनी, त्वरित कार्रवाई बल की एक कंपनी, आरसीपी की दो टुकड़ियां और 500 गृह रक्षक भी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।
वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 12 विशेष कार्य दल नियुक्त किए गए हैं। किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए नियंत्रण कक्ष में अतिरिक्त पुलिस बल सुरक्षित रखा गया है। प्रमुख विसर्जन मार्गों के साथ सिडको-हडको और एमआईडीसी वालुज क्षेत्र में यातायात व्यवस्था के लिए अलग से पुलिस बल लगाया गया है।
नियंत्रण कक्ष में पांच त्वरित कार्रवाई दल तैयार रखे गए हैं। महिलाओं की सुरक्षा तथा गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए दामिनी और खोज दल पूरे शहर में गश्त करेंगे।
शहर में गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए कुल 22 अधिकृत स्थान निर्धारित किए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपने निकटतम अधिकृत विसर्जन स्थल पर ही प्रतिमाओं का विसर्जन करने का आग्रह किया है। छह फुट से अधिक ऊंची गणेश प्रतिमाओं के लिए कायगांव टोका में 188 तथा हर्सूल तालाब में 27 गणेश मंडलों के विसर्जन की व्यवस्था की गई है।
छोटी प्रतिमाओं के लिए जिला परिषद मैदान स्थित कुआं, मुकुंदवाड़ी गांव का कुआं, सातारा कुआं, शिवाजीनगर कुआं, एन-12 हडको कुआं तथा होली क्रॉस विद्यालय के पीछे स्थित कुएं में व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त शहर में 48 प्रतिमा संकलन केंद्र स्थापित किए गए हैं।
विसर्जन शोभायात्राओं के दौरान ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का पालन अनिवार्य होगा। पुलिस निरीक्षकों को कुल 28 ध्वनि स्तर मापक यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं। इस संबंध में 123 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है।
नियमों का उल्लंघन करने वाले गणेश मंडलों, ध्वनि विस्तारक यंत्र संचालकों, वाहन मालिकों अथवा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दूसरे जिलों से आने वाले ध्वनि विस्तारक यंत्रों वाले वाहनों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।
मेन गणेश प्रतिमा विसर्जन मार्ग पर 8 ड्रोन तथा नियंत्रण केंद्र के कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रहेगी। बिना अनुमति या प्रतिबंधित क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर विशेष ड्रोन रोधी प्रणाली की सहायता से ऐसे ड्रोन को निष्क्रिय किया जाएगा।
विसर्जन मार्गों की सुरक्षा जांच के लिए तीन बम खोज एवं निष्क्रिय दल तैनात किए गए हैं। शहर के सभी प्रवेश मार्गों पर जांच चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं। संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की गहन जांच की जाएगी।
किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस, अग्निशमन दल, तैराक, क्षेत्रीय परिवहन विभाग, विद्युत विभाग, खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा सरकारी अस्पतालों के चिकित्सा दल भी तैनात रहेंगे।
पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार ने नागरिकों से विसर्जन शोभायात्राओं के दौरान पुलिस प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों से अफवाहों पर विश्वास न करने, किसी भी प्रकार के विवाद से बचने तथा यातायात में बाधा उत्पन्न नहीं करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि नागरिक शांतिपूर्ण वातावरण, संयम और सामाजिक सौहार्द बनाए रखते हुए गणेश विसर्जन संपन्न करें।