

Chhatrapati Sambhajinagar Fire Officer Qualification Controversy: छत्रपति संभाजीनगर शहर की करीब 18 लाख आबादी की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था फिलहाल स्थायी मुख्य अग्निशमन अधिकारी के अभाव में चल रही है। महापालिका में यह महत्वपूर्ण पद पिछले करीब आठ से नौ वर्षों से रिक्त है।
शासन से स्थायी अधिकारी की नियुक्ति के लिए मनपा प्रशासन सात बार प्रस्ताव भेज चुका है, लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं हो सकी है। इसके चलते करीब दो माह पहले सेवानिवृत्त हुए अशोक खांडेकर को ही संविदा पर नियुक्त कर मुख्य अग्निशमन अधिकारी का प्रभार सौंपा गया है।
खास बात यह है कि अशोक खांडेकर की शैक्षणिक योग्यता दसवीं पास है। ऐसे में शहर की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की कमान एक सेवानिवृत्त और दसवीं पास अधिकारी के हाथ में होने को लेकर मंगलवार को मनपा की आमसभा में गंभीर सवाल उठे। आमसभा में शहर के उप महापौर राजेन्द्र जंजाल ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी 10वीं पास का मुद्दा उठाते ही मनपा की आम सभा में जोरदार हंगामा हुआ।
छत्रपति संभाजीनगर मनपा के नियमित मुख्य अग्निशमन अधिकारी शिवाजी झनझन के सेवानिवृत्त होने के बाद वर्षों से यह पद खाली है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी के पद के लिए विज्ञान शाखा से स्नातक होने के साथ अग्निशमन से संबंधित पाठ्यक्रम अथवा बीई फायर इंजीनियरिंग जैसी योग्यता और निर्धारित अनुभव आवश्यक माना जाता है।
विभाग में इस स्तर की पात्रता रखने वाला अधिकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार देकर काम चलाया जाता रहा है।
मंगलवार को हुई आमसभा में शहर की अग्नि सुरक्षा का मुद्दा उठने के बाद प्रशासन को सफाई देनी पड़ी। अतिरिक्त आयुक्त रणजित पाटील ने बताया कि मुख्य अग्निशमन अधिकारी की नियुक्ति के लिए शासन को अब तक सात पत्र भेजे जा चुके हैं। इसके बावजूद स्थायी अधिकारी उपलब्ध नहीं कराया गया है। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर नियुक्ति होने का इंतजार किया जा रहा है।
अमरावती में हाल ही में हुई दुर्घटना में तीन बच्चों की मौत का मामला भी आमसभा में उठा। मृत बच्चों को श्रद्धांजलि देने के बाद नगरसेवकों ने कहा कि ऐसी घटनाओं के बाद शहर की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर समीक्षा जरूरी है।
प्रमोद राठोड, शिवाजी दांडगे, राज गौरव वानखेड़े सहित अन्य सदस्यों ने अधिकारियों की पदोन्नति और अग्निशमन विभाग में योग्य अधिकारियों की उपलब्धता पर सवाल उठाए। सदस्यों ने पूछा कि जब महत्वपूर्ण पद के लिए योग्य अधिकारी की जरूरत है, तो सेवानिवृत्त अधिकारी को ही जिम्मेदारी देकर प्रशासन आखिर क्या हासिल करना चाहता है।
छत्रपति संभाजीनगर मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने स्पष्ट किया कि खांडेकर को अग्निशमन विभाग के विभिन्न पदों पर काम करने का अनुभव है। हालांकि पदोन्नति के लिए आवश्यक अनुभव और पात्रता के कारण विभागीय स्तर पर कुछ अड़चन हैं। इसलिए शासन से नया अधिकारी मिलने तक खांडेकर को नियुक्त किया गया है। शासन की ओर से स्थायी अधिकारी उपलब्ध होते ही खांडेकर की नियुक्ति समाप्त कर दी जाएगी।
महापौर समीर राजूरकर ने सदन में बताया कि पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी। इस दौरान छत्रपति संभाजीनगर महापालिका के लिए स्थायी मुख्य अग्निशमन अधिकारी उपलब्ध कराने की मांग की गई। महापौर के अनुसार मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। अब निगाहें शासन की ओर से होने वाली नियुक्ति पर टिकी हैं।