

Sambhajinagar Cyber Fraud Digital Arrest Scam: छत्रपति संभाजीनगर में साइबर ठगों ने 67 वर्षीय सेवानिवृत्त महिला बैंक कर्मचारी को आधार कार्ड के दुरुपयोग और आतंकवादी फंडिंग के नाम पर डराकर 13 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। मामले में MIDC सिडको पुलिस ने केस दर्ज किया है।
छत्रपति संभाजीनगर, आपके आधार कार्ड का दुरुपयोग कर दूसरा बैंक खाता खोला गया है। इस खाते से आतंकवादी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग हो रही है। दो घंटे में शिकायत नहीं की तो पुलिस घर पहुंचकर आपको गिरफ्तार कर लेगी। इस तरह की धमकी देकर साइबर ठगों ने 67 वर्षीय सेवानिवृत्त महिला बैंक कर्मचारी से 13 लाख रुपए की ठगी कर ली।
शिकायतकर्ता शकुंतला नागेश बडवे (67), भक्तिनगर, एन-1 सिडको निवासी हैं। वह वर्ष 2011 में सिंडिकेट बैंक से सेवानिवृत्त हुई थीं और पेंशन से जीवनयापन करती हैं। उन्होंने मकान बेचने के बाद मिली रकम में से 13 लाख रुपए भारतीय स्टेट बैंक के खाते में जमा किए थे। साइबर ठगों ने इसी रकम को निशाना बनाया।
शिकायत के अनुसार, 23 सितंबर को शाम 4.27 बजे बडवे के मोबाइल पर अज्ञात नंबर से WhatsApp कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड ऑफ इंडिया का अधिकारी बताया। उसने दावा किया कि बडवे के आधार कार्ड का दुरुपयोग कर उनके नाम से दूसरा बैंक खाता खोला गया है।
ठगों ने आरोप लगाया कि इस खाते के माध्यम से आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन भेजा जा रहा है और मनी लॉन्ड्रिंग की जा रही है। महिला को यह भी बताया गया कि उनका बैंक खाता आतंकवादियों से जुड़े खातों के संपर्क में है।
आरोपियों ने महिला को डराते हुए कहा कि यदि उन्होंने तत्काल शिकायत नहीं की तो पुलिस उनके घर पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार कर लेगी। मामले को राष्ट्रीय स्तर का बताते हुए मीडिया में खबर आने की धमकी भी दी गई।
ठगों ने दावा किया कि आतंकवादियों से जुड़े 269 बैंक खाते पकड़े जा चुके हैं और यदि उनमें बडवे का खाता सामने आया तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लगातार धमकियों और कथित निगरानी के कारण महिला घबरा गईं।
शिकायत के अनुसार, ठगों के निर्देश पर बडवे ने 29 सितंबर को 8 लाख रुपए और 30 सितंबर को 5 लाख रुपए, यानी कुल 13 लाख रुपए RTGS के माध्यम से दो अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।
ठगी का अहसास होने के बाद महिला ने MIDC सिडको पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर ठगी की जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा रकम जिन खातों में गई, कॉल करने वालों और पूरे लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है।