

Illegal Plotting Demolition Sambhajinagar: छत्रपति संभाजीनगर शहर के बाहरी इलाकों में बिना मंजूरी प्लॉटिंग कर जमीन बेचने वालों के खिलाफ मनपा ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। सातारा-देवलाई क्षेत्र के साई टेकड़ी में करीब 40 एकड़ जमीन पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग पर महानगरपालिका के अतिक्रमण विभाग ने बुलडोजर चला दिया।
कार्रवाई के दौरान करीब 450 प्लॉट की निशानियां मिटा दी गईं, जबकि प्लॉट बेचने के लिए बनाए गए कार्यालय समेत पांच पक्के निर्माण ध्वस्त किए गए। इस मामले में 126 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। चार भू माफियाओं के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
अतिक्रमण विभाग के संनियंत्रण अधिकारी संतोष वाहुले ने बताया कि सोलापुर-धुले राजमार्ग से सटे सातारा-देवलाई क्षेत्र में नई जलापूर्ति योजना का काम अंतिम चरण में पहुंचने के साथ जमीन के कारोबार में भी तेजी आई है। इसी का फायदा उठाकर साई टेकड़ी क्षेत्र में बिना मंजूरी प्लॉट काटकर बेचने का काम शुरू किया गया था।
गट संख्या 54 से 60 के बीच करीब 40 एकड़ जमीन पर लेआउट तैयार कर 600 और 900 वर्गमीटर के प्लॉट बनाए गए थे। महानगरपालिका के नगर नियोजन विभाग से संबंधित लेआउट को मंजूरी नहीं मिली थी। इसके बावजूद प्लॉट बिक्री के लिए बाकायदा कार्यालय बनाया गया और ग्राहकों से बांड के आधार पर लेनदेन किए जा रहे थे।
अतिक्रमण विभाग के संनियंत्रण अधिकारी संतोष वाहुले के अनुसार, कई खरीदारों ने प्लॉट के लिए किस्तों में रकम जमा की है। कुछ लोगों ने जमीन पर निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया था। कार्रवाई के दौरान प्लॉट बिक्री कार्यालय और पांच पक्के निर्माणों को गिरा दिया गया।
गट संख्या 60 में जयशंकर डेवलपर्स की ओर से 162 प्लॉट का लेआउट तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें 600 वर्गमीटर के प्लॉट कथित तौर पर 5 से 7।50 लाख रुपये और 900 वर्गमीटर के प्लॉट 8 से 10 लाख रुपये में बेचे जा रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, संभावित खरीदारों को यह भरोसा दिया जा रहा था कि संबंधित लेआउट वर्ष 2020 का है और आगे चलकर गुंठेवारी के तहत प्लॉट नियमित हो जाएंगे। इसी भरोसे पर कई लोगों ने किस्तों में रकम जमा की। हालांकि, महानगरपालिका ने स्पष्ट किया है कि संबंधित लेआउट को नगर नियोजन विभाग की मंजूरी प्राप्त नहीं है।
जांच के दौरान सामने आया कि संबंधित क्षेत्र में कुछ जमीन निजी है, जबकि बड़ा हिस्सा वन विभाग से संबंधित है। ऐसी जमीन पर प्लाटिंग कर बिक्री किए जाने को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। नागरिकों की शिकायत मिलने के बाद पिछले 15 दिनों से इस मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही थी।
अतिक्रमण विभाग के संनियंत्रण अधिकारी संतोष वाहुले के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में संजय सुरडकर, कुणाल भोसले, नागरिक मित्र दल और अतिक्रमण विभाग के कर्मचारी शामिल रहे।
छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका ने साफ किया है कि अवैध प्लाटिंग केवल निशानियां हटाने तक सीमित नहीं रहेगी। मामले में चार भू माफियाओं के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई से शहर के बाहरी क्षेत्रों में बिना मंजूरी प्लॉट काटकर बेचने वालों में खलबली मच गई है।
सस्ते प्लॉट के लालच में निवेश करने से पहले तीन चीजें जरूर जांचें- जमीन का मालिक कौन है, लेआउट मंजूर है या नहीं और निर्माण की अनुमति है या नहीं। महानगरपालिका ने चेतावनी दी है कि बिना मंजूरी वाले लेआउट में प्लॉट खरीदकर बाद में निर्माण करने पर खरीदार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है और संबंधित निर्माण के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।