

मृतक: देवेश उर्फ बंटी चंद्रेश दीक्षित, उम्र 36 वर्ष।
वारदात: पहले कार से टक्कर मारी गई, फिर लोहे की रॉड और डंडे से हमला किया गया।
जांच के पहलू: ब्याज के कारोबार का विवाद और पुराने हमले के मामले में होने वाली गवाही।
Sambhajinagar Bunty Dixit Murder Case: विवाद सुलझाने की कोशिशें नाकाम हुईं तो रंजिश ने खौफनाक रूप ले लिया। एन-7 सिडको में गुरुवार को एक युवक को कार से टक्कर मारकर सड़क पर गिराया गया और फिर दोबारा लौटकर उसके सिर पर लोहे की रॉड और डंडे से हमला कर उसकी जान ले ली गई।
इस निर्मम वारदात में देवेश उर्फ बंटी चंद्रेश दीक्षित (36) की मौत हो गई। हत्या का आरोप पवन दिलीप पराशर (22), निवासी वानखेड़ेनगर, पर है। वारदात के बाद आरोपी खुद कार लेकर सिडको पुलिस थाने पहुंच गया। पुराने व्यावसायिक विवाद और न्यायालय में होने वाली गवाही के कारण इस हत्याकांड ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, बंटी जिम में व्यायाम करने के बाद दोपहिया वाहन से घर लौट रहा था। इसी दौरान आरोपी ने कार से उसका पीछा किया। मंगेश गैस एजेंसी के सामने कार ने पीछे से दोपहिया वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के कारण बंटी सड़क पर गिर पड़ा, जबकि उसका वाहन करीब 150 फुट दूर विश्वास वाइन शॉप के पास जा गिरा।
आरोपी इसके बाद कार लेकर आगे निकल गया, लेकिन कुछ ही देर में चौक से कार मोड़कर घटनास्थल पर वापस पहुंचा। सड़क पर घायल पड़े बंटी के सिर पर लोहे की रॉड और डंडे से कई वार किए गए। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।
इस हत्याकांड का एक अहम पहलू यह है कि बंटी पर करीब डेढ़ से दो वर्ष पहले भी जानलेवा हमला हुआ था। इस मामले में सिडको पुलिस थाने में प्रकरण दर्ज है और न्यायालय में सुनवाई चल रही है। गुरुवार को इसी मामले में बंटी की गवाही होनी थी। ऐसे में पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हत्या का पुराने मुकदमे या गवाही से कोई संबंध था या नहीं। फिलहाल इस संबंध में किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं हुई है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बंटी और आरोपी के बीच ब्याज पर पैसे देने के कारोबार को लेकर विवाद था। दोनों के बीच समझौता कराने के लिए पिछले करीब एक महीने से प्रयास किए जा रहे थे। इसके बावजूद विवाद नहीं सुलझ सका। समझौते की कोशिशें क्यों विफल हुईं और क्या इसी विवाद के चलते हत्या की गई, पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है।
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस उपायुक्त रत्नाकर नवले, निरीक्षक गजानन कल्याणकर और अतुल येरमे सहित पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। छत्रपति संभाजीनगर पुलिस हत्या के पीछे के कारणों, पुराने विवाद और घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। वारदात के बाद आरोपी के स्वयं थाने पहुंचने के मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।