

छत्रपति संभाजीनगर के भांडी बाजार स्थित संचेती ज्वेलर्स की स्वर्ण योजना से जुड़ा मामला।
एक परिवार के 9.45 लाख रुपये की रकम अटकने का आरोप।
योजना की अवधि पूरी होने के बाद भी निवेश की राशि और सोना नहीं मिलने की शिकायत।
आठ कार्डों के भुगतान के लिए दिया गया 4.77 लाख रुपये का चेक पर्याप्त राशि नहीं होने से बाउंस हुआ।
सिटी चौक पुलिस ने मनोज संचेती और रोहित संचेती के खिलाफ मामला दर्ज किया।
Chatrapati Sambhajinagar Gold Scheme Fraud Cheque Bounce: छत्रपति संभाजीनगर, भांडी बाजार स्थित संचेती ज्वेलर्स की स्वर्ण योजना में निवेश करने वाले एक परिवार की 9.45 लाख रुपये की रकम अटकने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता महेश चंद्रसेन राठौड़ निवासी वलदगांव, के अनुसार उनके परिवार ने अलग-अलग सदस्यों के नाम पर योजना के तहत निवेश किया था। योजना में 18 महीने तक प्रतिमाह 1,500 रुपये जमा करने पर 19वें महीने में 27 हजार रुपये और 24 कैरेट सोने का एक ग्राम देने का आश्वासन दिया गया था।
शिकायत के अनुसार, परिवार ने 3 दिसंबर 2023 को कुल 35 कार्ड लिए और हर महीने 52,500 रुपये जमा किए। इन कार्डों की अवधि 1 मई 2025 को पूरी हो गई, लेकिन निवेश की रकम और वादे के अनुसार सोना नहीं मिला। रकम मांगने पर परिवार को बार-बार टालने का आरोप है। आठ कार्डों की वापसी के लिए दिया गया बैंक ऑफ बड़ौदा का 4.77 लाख रुपये का चेक खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण बाउंस हो गया। इसके बाद राठौड़ ने सिटी चौक पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मनोज संचेती और रोहित संचेती के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उपनिरीक्षक भागवत मुठाल मामले की जांच कर रहे हैं।
छत्रपति संभाजीनगर, भांडी बाजार स्थित संचेती ज्वेलर्स की स्वर्ण योजना में निवेश करने वाले एक परिवार की 9.45 लाख रुपये की रकम अटकने का मामला सामने आया है। योजना की अवधि पूरी होने के बावजूद निवेश की रकम और वादे के अनुसार सोना नहीं मिलने पर सिटी चौक पुलिस थाने में मनोज संचेती और रोहित संचेती के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता महेश चंद्रसेन राठौड़, निवासी वलदगांव, को वर्ष 2016 में अपनी पत्नी के महाविद्यालय में कार्यरत सहकर्मियों के माध्यम से इस स्वर्ण योजना की जानकारी मिली थी। योजना के तहत प्रतिमाह 1,500 रुपये की किस्त 18 महीने तक जमा करने पर 19वें महीने में 27 हजार रुपये और 24 कैरेट सोने का एक ग्राम देने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद राठौड़ परिवार ने अलग-अलग सदस्यों के नाम पर योजना में निवेश किया।
शिकायत के अनुसार, 3 दिसंबर 2023 को परिवार ने कुल 35 कार्ड लिए। इन कार्डों के लिए प्रतिमाह कुल 52,500 रुपये जमा किए जाते थे। सभी कार्डों की अवधि 1 मई 2025 को पूरी हो गई। हालांकि, अवधि पूरी होने के बाद भी परिवार को निवेश की रकम और आश्वासन के अनुसार सोना नहीं मिला। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भुगतान की मांग करने पर उन्हें बार-बार टाल दिया गया।
शिकायत के मुताबिक, आठ कार्डों की वापसी के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा का 4.77 लाख रुपये का चेक दिया गया था। खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण यह चेक बाउंस हो गया। वहीं, शेष 27 कार्डों की रकम और सोना भी नहीं मिलने का आरोप लगाया गया है।
इसके बाद महेश राठौड़ ने सिटी चौक पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मनोज संचेती और रोहित संचेती के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच उपनिरीक्षक भागवत मुठाल कर रहे हैं।