

Chhatrapati Sambhajinagar Police: छत्रपति संभाजीनगर के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक प्रकाश जाधव ने अपराध जांच में जुटे अधिकारियों और कर्मचारियों की रोजमर्रा की समस्याओं को दूर करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। जांच के दौरान आवश्यक स्टेशनरी के लिए पुलिसकर्मियों को अपनी जेब से खर्च न करना पड़े और सामग्री की व्यवस्था में उनका समय बर्बाद न हो, इसके लिए जाधव के मार्गदर्शन में जिले के 400 से अधिक जांच अधिकारियों और कर्मचारियों को स्टेशनरी किट उपलब्ध कराई गई है।
इस पहल से जांच अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई करने में सुविधा मिलने के साथ जांच कार्य को अधिक व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। एसपी प्रकाश जाधव ने जांच अधिकारियों के दैनिक कामकाज में आने वाली छोटी लेकिन बार-बार सामने आने वाली समस्या को गंभीरता से लेते हुए यह व्यवस्था शुरू कराई।
अपराध की जांच में घटनास्थल का निरीक्षण, साक्ष्य जुटाना और आरोपी की तलाश महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ पंचनामा, बयान, रिपोर्ट, विभिन्न अभिलेख और जांच फाइल तैयार करने जैसे दस्तावेजी काम भी अनिवार्य होते हैं। इन कार्यों के लिए स्टेशनरी की नियमित आवश्यकता पड़ती है।
अब तक कई बार आवश्यक स्टेशनरी उपलब्ध नहीं होने पर अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वयं खर्च कर सामग्री खरीदनी पड़ती थी। ग्रामीण क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर जांच के लिए जाने वाले पुलिसकर्मियों के लिए यह परेशानी अधिक होती थी। सामग्री की व्यवस्था करने में समय और श्रम भी खर्च होता था। एसपी जाधव की पहल से अब जरूरी स्टेशनरी किट के रूप में अधिकारियों के पास उपलब्ध रहेगी।
स्टेशनरी किट उपलब्ध होने से अधिकारियों को आवश्यक सामग्री जुटाने के लिए अलग से भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। इससे समय की बचत होगी और पुलिसकर्मी अपना अधिक समय अपराध की वास्तविक जांच, साक्ष्य संकलन और आरोपियों की तलाश जैसे कार्यों में लगा सकेंगे। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में घटनास्थल पर दस्तावेजी कार्रवाई करने में यह व्यवस्था उपयोगी साबित होगी।
एसपी प्रकाश जाधव की पहल की खास बात यह है कि पुलिसकर्मियों के कामकाज में बार-बार आने वाली एक मूलभूत समस्या का व्यावहारिक समाधान किया गया है। अपराध जांच में आधुनिक तकनीक और बड़े संसाधनों के साथ दैनिक काम के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध होना भी जरूरी है। स्टेशनरी किट के माध्यम से इसी जरूरत को पूरा करने का प्रयास किया गया है।
इस व्यवस्था से जांच अधिकारियों को निजी खर्च से राहत मिलने के साथ दस्तावेजी कामकाज अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है। 400 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों तक यह सुविधा पहुंचने से जिले में अपराध जांच से जुड़े नियमित कार्यों को गति देने में सहायता मिलेगी।