मराठवाड़ा के सूखाग्रस्त किसानों की दिवाली पर आदित्य ठाकरे का सवाल, 5 हजार रुपये में कैसे मनेगा त्योहार?

Aditya Thackeray Farmers Protest: मराठवाड़ा में सूखे और फसल बर्बादी का जायजा लेने पहुंचे आदित्य ठाकरे ने किसानों को घोषित सहायता नहीं मिलने का आरोप लगाया। सरकार के खिलाफ मोर्चा निकालने की घोषणा की।
Aditya Thackeray Marathwada Drought Farmers Protest
विधायक आदित्य ठाकरे(फोटो नवभारत)
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Highlights

  • आदित्य ठाकरे ने वैजापुर के गारज और कन्नड़ के जेहूर गांव का दौरा किया।

  • उन्होंने सोयाबीन, अरहर, मूंग और कपास की फसलों का निरीक्षण किया।

  • किसानों ने 5 हजार रुपये की घोषित सहायता को अपर्याप्त बताया।

Marathwada Drought Farmers Protest: मराठवाड़ा में सूखे और फसल बर्बादी से जूझ रहे किसानों की आर्थिक स्थिति गंभीर बनी हुई है। इसके बावजूद किसानों को घोषित सहायता का लाभ नहीं मिल रहा है। सरकार ने पांच हजार रुपये की मदद देने की घोषणा की, लेकिन इतनी कम राशि से किसान अपनी दिवाली कैसे मनाएंगे?

किसानों को राहत देने के बजाय उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। इन सवालों को लेकर सरकार से जवाब मांगने के लिए बड़ा मोर्चा निकाला जाएगा। यह घोषणा शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधायक आदित्य ठाकरे ने की।

आदित्य ठाकरे ने सूखे की स्थिति का जायजा लिया

आदित्य ठाकरे ने जिले के वैजापुर तहसील के गारज और कन्नड़ तहसील के जेहूर गांव का दौरा कर सूखे की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने खेतों में पहुंचकर सोयाबीन, अरहर, मूंग और कपास की फसलों का निरीक्षण किया। इस दौरान किसानों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं।

गारज के युवा किसान कडुबा त्रिभुवन ने खेती में हुए नुकसान और आर्थिक तंगी की पीड़ा बताते हुए कहा कि बेटियों को दिवाली पर मायके बुलाने तक की चिंता सता रही है। किसानों ने पांच हजार रुपये की सहायता को अपर्याप्त बताते हुए नाराजगी जताई।

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राज्य की 265 तहसीलों में सूखा घोषित

आदित्य ठाकरे ने कहा कि पिछले वर्ष का फसल बीमा, अतिवृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा और घोषित 32 हजार करोड़ रुपये की सहायता अब तक किसानों तक नहीं पहुंची है। कर्जमाफी की सूची में नाम होने के बावजूद अनेक किसानों को इसका लाभ नहीं मिला। राज्य की 265 तहसीलों में सूखा घोषित होने के बाद भी किसानों को प्रत्यक्ष राहत नहीं मिल रही है।

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उन्होंने सिंहस्थ कुंभ के आयोजन पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि संकटग्रस्त किसानों को सहायता के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। केवल घोषणाओं से किसानों की समस्याएं हल नहीं होंगी। इस अवसर पर विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे, चंद्रकांत खैरे सहित शिवसेना के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।