Sambhajinagar Pipeline Leakage( Source: Social Media )
Sambhajinagar Pipeline Leakage: छत्रपति संभाजीनगर शहर की नई जलापूर्ति योजना के अंतर्गत मुख्य जलवाहिनी की टेस्टिंग के दौरान मंगलवार दोपहर ढोरकीन के पास स्कोर वाल्व में अचानक लीकेज हो गया। इसके कारण जलवाहिनी में आ रहा पानी शहर की सीमा तक पहुंचने से पहले ही रुक गया।
इस घटना में लगभग तीन एमएलडी अर्थात करीब तीन करोड़ लीटर पानी बह गया। अधिकारियों के अनुसार बुधवार को जलवाहिनी खाली होने के बाद स्कोर वाल्व की मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा। गुढीपाडवा के अवसर पर जायकवाडी बांध के नाथसागर से सायफन पद्धत द्वारा जैकवेल में पानी लिया गया था।
इसके बाद मुख्य जलवाहिनी की टेस्टिंग के लिए पंप के माध्यम से पाइपलाइन में पानी छोड़ा गया। टेस्टिंग के दौरान कई स्थानों पर तकनीकी अड़चनें सामने आई। धनगांव के पास स्कोर वाल्व में पाइप नहीं लगाए जाने के कारण दो दिन मरम्मत में लगे।
इसके बाद कवडगांव के पास पाइपलाइन की वेल्डिंग निकल जाने से भी काम दो दिन तक रुका रहा। इसके बाद पाइपलाइन में पानी भरकर टेस्टिंग शुरू की गई।
करीब 28 किलोमीटर दूर फारोला तक पानी पहुंचाया गया और वहां स्कोर वाल्व से पानी छोड़ा गया। आगे पानी बढ़ने के दौरान 600 मिमी व्यास के एयर वाल्व को बंद नहीं किया गया था, जिससे तेज गति से पानी बाहर निकलने लगा।
इसके कारण एक दिन एयर वाल्व बंद करने में लगा, मंगलवार सुबह 7:30 बजे फिर से पंपिंग शुरू की गई। दोपहर करीब 12 बजे पानी आर एल स्टील कंपनी के पास पहुंच गया।
इसके बाद अजित सीड् कंपनी के पास स्थित स्कोअर वाल्व से पानी छोड़ा गया। वहां से आगे निसर्ग नर्सरी की ओर पानी बढ़ रहा था, तभी शाम करीब 4 बजे डोरकीन के पास स्कोर वाल्व में अचानक लीकेज हो गया।
लीकेज होने के बाद पानी का तेज बहाव शुरू हो गया, स्थिति को देखते हुए तुरंत पंपिग बंद कर दी गाई। इसके साथ ही कवड़गांव और टाकली फाटा के पास अलवाहिनी पर लगे बटरफ्लाई वाल्व बंद कर दिए गए।
इस दौरान पानी गेवराई तांडा के वसंतदन प्लॉटिंग के पास स्थित स्कोअर वाल्व तक पहुंचकर रुक गया, अधिकारियों के अनुसार अभी तक जलवाहिनी में 35.300 किलोमीटर तक पानी पहुंचाया जा चुका है। निसर्ग नर्सरी से मात्र एक किलोमीटर दूरी पर ही शहर की सीमा शुरू हो जाती है।
उधर, मन्या आयुक्त अमोल वेडगे ने मंगलवार की सुबह नई जलापूर्ति योजना के विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने अजित सी कंपनी के पास स्थित स्कोअर वाल्व से पानी छोड़े जाने की प्रक्रिया देखी और आर एल स्टील कंपनी के पास भी जलवाहिनी की स्थिति का जायजा लिया।
इसके बाद वे सीधे जैकवेल पहुंचकर पंधिग व्यवस्था की जानकारी ली और सायफन पद्धति की भी समीक्षा की आयुक्त ने विद्युत उपकेंद्र के निर्माण कार्य का निरीक्षण कर तकनीकी जानकारी ली।
यह भी पढ़ें:- 8 अप्रैल का इतिहास : सेंट्रल असेंबली बम कांड, आजादी की लौ जलाने वाले मंगल पांडे को फांसी
इसके साथ ही नक्षत्रवाही स्थित जलशुद्धीकरण केंद्र का दौरा कर वहां चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की, सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक उन्होंने पूरी जलापूर्ति योजना की विस्तृत समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।