

Chhatrapati Sambhajinagar AIMIM Imtiaz Jaleel: छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका द्वारा एमआईएम के नगरसेवक मतीन पटेल की संपत्तियों पर की गई बुलडोजर कार्रवाई के बाद शहर की राजनीति और अधिक गरमा गई है। एमआईएम के प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद ने बुधवार को 33 नगरसेवकों और पदाधिकारियों के साथ महानगरपालिका आयुक्त अमोल येडगे से मुलाकात कर सत्ताधारी भाजपा नगरसेवकों के कथित अवैध निर्माणों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान संबंधित दस्तावेज भी प्रशासन को सौंपे गए। गौरतलब है कि नारेगांव क्षेत्र में महानगरपालिका ने मंगलवार की देर रात तैयारी कर बुधवार तड़के भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच मतीन पटेल के दो मकानों और कार्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई के बाद एमआईएम ने कहा कि अवैध निर्माणों पर कार्रवाई से आपत्ति नहीं है, लेकिन प्रशासन की कार्यप्रणाली और जल्दबाजी पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। जलील ने कहा कि आधी रात को तैयारी कर कार्रवाई करने की क्या आवश्यकता थी।
जलील के अनुसार छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका के झोन कार्यालय, नगररचना विभाग तथा अतिक्रमण विभाग की ओर से संबंधित निर्माणों पर रिपोर्ट भी तैयार की गई थी। 30 मार्च 2026 को यह रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बावजूद डेढ़ महीने बाद भी कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले की शिकायत राज्य निर्वाचन आयोग से भी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिडको द्वारा आवंटित शॉपलेट भूखंड पर महानगरपालिका की अनुमति के बिना बहुमंजिला निर्माण किया गया। जलील ने कहा कि यदि प्रशासन निष्पक्ष है।
पत्रकार परिषद में जलील ने राज्य सरकार, महानगरपालिका प्रशासन तथा मीडिया की भूमिका पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल आरोप लगने के आधार पर किसी व्यक्ति का घर तोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि अवैध निर्माणों पर कार्रवाई हो रही है तो वह सभी पर समान नियमों के तहत होनी चाहिए। इसी दौरान जलील ने सत्ताधारी भाजपा नगरसेवक गणेश नावंदर और विश्वनाथ स्वामी के कथित निर्माणों का मुद्दा उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभाग क्रमांक 11 में नाले पर अतिक्रमण कर तथा आवश्यक अनुमति के बिना बहुमंजिला निर्माण किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन मामलों की शिकायत और दस्तावेज महानगरपालिका को पहले ही दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।