

Virur Station Gram Sabha Controversy: चंद्रपुर जिले के राजुरा तहसील के विरूर स्टेशन में 5 सितंबर को निर्धारित ग्रामसभा नहीं होने से ग्रामीणों में रोष फैल गया। ग्रामसभा के लिए सुबह करीब 10 बजे से ग्रामीण पंचायत कार्यालय के सामने पहुंचने लगे, लेकिन कार्यालय पर ताला लगा था। दोपहर 12.50 बजे तक इंतजार के बावजूद सरपंच अथवा कोई ग्राम पंचायत सदस्य नहीं पहुंचा।
ग्रामीणों का कहना है कि 15 अगस्त की ग्रामसभा में ऑडिट रिपोर्ट, आर्थिक व्यवहार और कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए गए थे। इनका जवाब देने के लिए सरपंच अनिल आलम ने 20 दिन का समय लेते हुए 5 सितंबर को ग्रामसभा में स्पष्टीकरण देने का आश्वासन दिया था। निर्धारित दिन सभा नहीं होने और पूर्व सूचना नहीं दिए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई।
कुछ युवाओं ने सरपंच अनिल आलम से फोन पर संपर्क का प्रयास भी किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। ग्रामीणों की मांग है कि लंबित सवालों पर चर्चा के लिए ग्रामसभा तत्काल बुलाकर पंचायत के कामकाज और आर्थिक व्यवहारों की पूरी जानकारी पारदर्शी रूप से रखी जाए।
ग्राम विकास अधिकारी पवन काटकर ने कहा कि ग्रामसभा जानबूझकर नहीं टाली गई। सूचना फलक पर सभा की सूचना लगाई गई थी, लेकिन एक ग्रामसेवक की मृत्यु के बाद ग्रामसेवक संगठनों की राज्यव्यापी हड़ताल के कारण सभा नहीं हो सकी। वहीं सरपंच अनिल आलम ने भी कहा कि लेखा-जोखा और आर्थिक व्यवहारों की जानकारी प्रस्तुत करने के लिए ग्रामसेवक की उपस्थिति जरूरी थी।