लोन से लेकर डिपॉजिट तक में खेल! ऑडिट में खुली पोल, चंद्रपुर की पतसंस्था में ढाई करोड़ का गबन

Cooperative Bank Scam: ऑडिट में 2.49 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता उजागर होने के बाद रामनगर पुलिस ने श्री साई नागरी सहकारी पतसंस्था के कई पदाधिकारियों पर मामला दर्ज किया।
Irregularities ranging from loans to deposits! Audit exposes the truth; ₹2.5 crore embezzled at a Chandrapur credit society.
चंद्रपुर, सहकारी पतसंस्था, गबन, (सोर्स: सोशल मीडिया)
Updated on

Chandrapur Sai Nagari Financial Irregularities: चंद्रपुर शहर की श्री साई नागरी सहकारी पतसंस्था मर्यादित में करोड़ों रुपये के कथित आर्थिक अनियमितता के मामले में आखिरकार रामनगर पुलिस थाने में सोमवार रात मामला दर्ज किया गया।

संस्था के वर्ष 2023 से 2025 तक के वैधानिक लेखा परीक्षण में 2 करोड़ 49 लाख 8 हजार 949 रुपये 50 पैसे के कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद यह किए गए लेखा परीक्षण में लेखा परीक्षक श्रेणी-2 संदीप जयदेव भानसे द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में कई गंभीर आर्थिक गड़बड़ियों का उल्लेख किया गया है।

जिसके बाद लेखा परीक्षण में बताया गया कि बकाया ऋण मामलों में लगभग 55.40 लाख रुपये तथा सदस्यों की जमा देनदारियों से जुड़े मामलों में 1.70 करोड़ रुपये से अधिक की कथित अनियमितताएं पाई गई हैं।

संस्था और सदस्यों को आर्थिक नुकसान

आर्थिक अनियमितता के मामले में तत्कालीन अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संचालक मंडल के सदस्य, प्रबंधक तथा अभिकर्ता सहित कई जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया हैं।

सहकारी संस्था मामले में पूर्व पदाधिकारियों पर जांच की आंच

आर्थिक अनियमितता के मामले में जिन व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं उनमें सुरेश बाबूराव धानोरकर, मनश्री गिरीश अंबाडे, दिलीप सिताराम कडू, सागर भट्टलवार, प्रकाश गोपालकृष्ण देशकर, पुरुषोत्तम जगन्नाथ वडे, दत्तात्रय जनार्दनपंत घरोटे, नामदेव मारोतराव निकोडे, वासुदेव रामजी सावसाकडे, वासुदेव जादलू बांगडवार, प्रकाश बनकर, संदीप महाजन, विक्रम ब्राम्हणे, सीमा सुरेश धानोरकर तथा संबंधित अवधि के अन्य पदाधिकारियों के नाम शामिल बताए गए हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com