चंद्रपुर में पशुसंवर्धन किसान क्रेडिट कार्ड से पशुपालकों को 3 लाख तक ऋण, नियमित भुगतान पर शून्य ब्याज का लाभ
Chandrapur Pashusamvardhan KCC News; पशुसंवर्धन विभाग द्वारा 10 लाख पशुपालकों को KCC से जोड़ने का लक्ष्य है, जिसमें 3 लाख तक का ऋण और समय पर भुगतान पर ब्याज में भारी छूट का प्रावधान है।
Chandrapur Animal Husbandry Loan: राज्य में पशुपालन, बकरीभेड़ पालन, कुक्कुट पालन तथा सूअर पालन करने वाले किसानों को आर्थिक सहयोग देने के उद्देश्य से पशुसंवर्धन विभाग द्वारा पशुसंवर्धन किसान क्रेडिट कार्ड केसीसी अभियान चलाया जा रहा है।
इस योजना के तहत पशुपालकों को उनके पशुधन की देखभाल और दैनिक खर्च कार्यशील पूंजी के लिए आकर्षक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। जिन किसानों के पास किसान क्रेडिट कार्ड नहीं है, उन्हें 1.60 लाख रुपये तक का ऋण बिना किसी जमानत के दिया जाएगा। वहीं, यदि दुग्ध संस्था की गारंटी हो, तो यह सीमा बढ़ाकर 3 लाख रुपये तक की जा सकती है।
जिन किसानों के पास पहले से किसान क्रेडिट कार्ड है, वे भी अपनी क्रेडिट लिमिट 3 लाख रुपये तक बढ़ा सकते हैं। इस योजना में ऋण का मूल ब्याज दर 9 प्रतिशत है, लेकिन नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले किसानों को केंद्र सरकार की ओर से 3 प्रतिशत और राज्य सरकार की ओर से 4 प्रतिशत, यानी कुल 7 प्रतिशत तक ब्याज में छूट मिलती है।
सम्बंधित ख़बरें
भंडारा में पहली डिजिटल जनगणना की तैयारी; 1 मई से शुरू होगा पंजीकरण, नागरिकों को किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं
लाखनी में मनरेगा की बदहाली; 80 हजार पंजीकृत मजदूरों में से केवल 3 हजार को मिला काम, पलायन को मजबूर ग्रामीण
Lenskart विवाद पर भड़के नितेश राणे, बोले- कॉर्पोरेट में हिजाब-बुर्का मंजूर तो तिलक-बिंदी पर रोक क्यों?
भंडारा में सर्वधर्मीय सामूहिक विवाह; 16 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में, विधायक नाना पटोले ने बताया सर्वश्रेष्ठ दान
इसके अलावा बैंकों द्वारा भी 2 प्रतिशत की छूट दी जाती है। इस प्रकार नियमित भुगतान करने वाले पशुपालकों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर का लाभ भी मिल सकता है। 10 लाख पशुपालकों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य वर्ष 202627 से मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमिता योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को इस क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कार्यशील पूंजी का लाभ दिया जाएगा।
पशुसंवर्धन विभाग ने राज्य के 10 लाख पात्र पशुपालकों को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। अधिक जानकारी के लिए नजदीकी पशु चिकित्सालय या हेल्पलाइन नंबर 1962 पर संपर्क किया जा सकता है। जो पशुपालक दूध सोसायटी, दूध संघ या दूध उत्पादक सदस्य हैं और जिन्होंने अब तक इस योजना का लाभ नहीं लिया है, वे इस अभियान के लिए पात्र हैं।
जिले के पशुसंवर्धन उपआयुक्त इस योजना के निगरानी अधिकारी हैं। पात्रता शर्तें आवेदक ने केंद्र, राज्य या जिला परिषद की किसी अनुदान योजना का लाभ नहीं लिया हो। पशुपालन परियोजना के सभी पशुधन का एनडीएलएम भारत पशुधन पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। लिए गए ऋण की अदायगी एक वर्ष के भीतर करना आवश्यक होगा।
योजना के नियमों और समय-समय पर किए गए संशोधनों का पालन करना अनिवार्य होगा। पशुपालन व्यवसाय को प्रोत्साहन देने और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक मजबूती लाने के उद्देश्य से अधिक से अधिक पात्र पशुपालकों से इस योजना का लाभ लेने की अपील पशुसंवर्धन आयुक्त डॉ। किरण पाटिल ने की है।
