हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, चंद्रपुर मनपा में 6 मनोनीत पार्षदों का चयन टला

Chandrapur Municipal Corporation: बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने चंद्रपुर मनपा में छह मनोनीत पार्षदों के चयन की प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी। कांग्रेस गुटनेता विवाद के बीच यह फैसला आया है।
Major High Court order: Selection of 6 nominated councilors in Chandrapur Municipal Corporation deferred.
चंद्रपुर मनपा, (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Chandrapur Nominated Councillors: चंद्रपुर महानगरपालिका में छह मनोनीत (स्वीकृत) पार्षदों के चयन की प्रक्रिया पर बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने बुधवार को अंतरिम रोक लगा दी। कांग्रेस में गुटनेता के विवाद को लेकर सांसद प्रतिभा धानोरकर समर्थक पार्षदों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने 3 जुलाई को होने वाली महापालिका की सामान्य सभा के एजेंडे के विषय क्रमांक-22 पर स्थगनादेश जारी किया।

इसके साथ ही मनोनीत पार्षदों के चयन की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है, जिससे महानगरपालिका की राजनीति में हलचल मच गई है। 3 जुलाई को होने वाली सामान्य सभा में छह मनोनीत पार्षदों का चयन प्रस्तावित था।

मनोनीत सदस्यों की नियुक्ति पर कांग्रेस में खींचतान, मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा

वर्तमान संख्या बल के अनुसार कांग्रेस को तीन, भाजपा को दो तथा शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) को एक सदस्य मनोनीत करने का अधिकार है। इसे लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों में दावेदारों की सक्रिय लॉबिंग चल रही थी। इसी बीच कांग्रेस में गुटनेता पद को लेकर चल रहे विवाद के कारण धानोरकर समर्थक पार्षदों ने मनोनीत सदस्यों के चयन का विषय सामान्य सभा में लाने का विरोध किया था।

कांग्रेस के तत्कालीन गुटनेता राजेश अडूर को पद से हटाकर सुरेंद्र अडबाले को गुटनेता के रूप में संभागीय आयुक्त द्वारा मान्यता दी गई थी। हालांकि, इस निर्णय को राजेश अडूर ने हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद न्यायालय ने संभागीय आयुक्त के आदेश पर ही अंतरिम रोक लगा दी। इसके चलते फिलहाल राजेश अडूर ही कांग्रेस के मान्य गुटनेता बने हुए हैं।

राजनीतिक टकराव तेज होने की संभावना

प्रशासन द्वारा एजेंडे से विषय हटाने से इनकार किए जाने पर धानोरकर समर्थक पार्षद हाईकोर्ट पहुंचे। न्यायालय ने याचिका स्वीकार करते हुए एजेंडे के विषय क्रमांक-22 पर अंतरिम स्थगनादेश जारी कर दिया। अब मनोनीत पार्षदों का चयन न्यायालय के अगले आदेश तक टाल दिया गया है।

इस फैसले के बाद विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार समर्थक और सांसद प्रतिभा धानोरकर समर्थक गुटों के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। अब महानगरपालिका प्रशासन, संभावित उम्मीदवारों और सभी राजनीतिक दलों की नजर हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हुई है।

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