चंद्रपुर कोल इंडस्ट्री अपडेट: महामाया वॉशरी को मिलेगा क्लोजर नोटिस, मानसून सत्र में पंकजा मुंडे का सख्त रुख

Chandrapur Coal Industry: चंद्रपुर की महामाया कोल वॉशरी का मामला विधानसभा में गूंजा। किसानों के नुकसान, प्रदूषण और कोल उद्योग पर उठे सवालों के बीच सरकार के सख्त रुख से विवाद और गहरा गया।
Chandrapur Coal Industry Update: Mahamaya Washery to Receive Closure Notice; Pankaja Munde Takes a Firm Stand During Monsoon Session.
महामाया कोल वॉशरी, चंद्रपुर,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Chandrapur Mahamaya Coal Washery: चंद्रपुर के घुग्घुस स्थित महामाया कोल वॉशरी का मुद्दा अब सिर्फ प्रदूषण या किसानों के नुकसान तक सीमित नहीं रहा। महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में यह मामला भाजपा के भीतर उभरती अलग-अलग राजनीतिक रणनीतियों और स्थानीय शक्ति संतुलन की खुली तस्वीर बनकर सामने आया।

एक तरफ भाजपा के वरिष्ठ विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने महामाया कोल वॉशरी पर सीधा हमला बोलते हुए किसानों को करोड़ों के नुकसान का मुद्दा उठाया, तो दूसरी ओर विधायक किशोर जोरगेवार ने पूरे चंद्रपुर के कोल उद्योग को कठघरे में खड़ा कर सरकार से व्यापक नीति की मांग कर दी। इसी बीच मंत्री पंकजा मुंडे के सख्त रुख और क्लोजर नोटिस के ऐलान ने मामले को और ज्यादा राजनीतिक गर्मी दे दी है।

विस में महामाया पर मुनगंटीवार का आक्रामक रुख

महाराष्ट्र विधानसभा में सबसे पहले बल्लारपुर के भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने घुग्घुस स्थित महामाया कोल वॉशरी का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रही है, प्रशासन की बात नहीं मान रही और आखिर उसे संरक्षण कौन दे रहा है, यह बड़ा सवाल है।

मुनगंटीवार ने सदन में साफ कहा कि किसानों को हुए 68 लाख 61 हजार 864 रुपये के नुकसान की भरपाई तत्काल कराई जानी चाहिए, उनका पूरा फोकस एक कंपनी की जवाबदेही तय करने और प्रभावित किसानों को न्याय दिलाने पर केंद्रित दिखाई दिया।

जोरगेवार ने बदला मुद्दे का दायरा

इसके बाद चंद्रपुर के भाजपा विधायक किशोर जोरगेवार ने भी इसी मुद्दे पर अपनी बात रखी, लेकिन उनका दृष्टिकोण अलग नजर आया, उन्होंने मंत्री पंकजा मुंडे के दौरे का स्वागत किया, हालांकि इस दौरान उन्हें दौरे की जानकारी नहीं दिए जाने पर सार्वजनिक रूप से नाराजगी भी जताई जोरगेवार ने कहा कि केवल महामाया कोल वॉशरी ही नहीं, बल्कि जिले की अन्य कोल वॉशरियां, कोयला खदाने, ट्रांसपोर्ट डिपो और रेलवे साइडिंग भी बड़े स्तर पर प्रदूषण फैला रही है। इसलिए कार्रवाई यदि करनी है तो पूरे जिले के लिए एक समान नीति बनाई जाए, ताकि सभी प्रभावित किसानों को न्याय मिल सके।

पंकजा मुंडे का बड़ा ऐलान, क्लोजर नोटिस के निर्देश

दोनों भाजपा विधायकों की दलीलें सुनने के बाद मंत्री पंकजा मुंडे ने सदन में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि महामाया कोल वॉशरी को सुनवाई के लिए बुलाया गया था, लेकिन कंपनी उपस्थित नहीं हुई।

उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर प्रदूषण की स्थिति देखी है, मंत्री ने अधिकारियों को उसी दिन कंपनी के खिलाफ क्लोजर नोटिस जारी करने के निर्देश देने की घोषणा की, जिसके बाद सदन में मामला और ज्यादा चर्चा का केंद्र बन गया।

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