चंद्रपुर में ग्रामीण के घर में माता तेंदूए ने 3 शावक को दिया जन्म, इलाके में दहशत

चंद्रपुर जिले के नागभीड़ तहसील के बालारपुर खुर्द में रहने वाले डिमदेव राघोजी शेलोटे का गांव में ही खंडहर मकान है जिसमें एक मादा तेंदूए ने तीन शावकों को जन्म दिया है। बताया जा रहा है कि मादा तेंदुए ने लगभग आठ दिन पूर्व इन शावकों को जन्म दिया है। इस मादा तेंदूए की गांव में कई दिनों से दहशत है।
Leopard cubs
चंद्रपुर जिले में ग्रामीण के घर मादा तेंदुए ने तीन शावकों को दिया जन्म
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चंद्रपुर: चंद्रपुर जिले के नागभीड़ तहसील के बालारपुर खुर्द में रहने वाले डिमदेव राघोजी शेलोटे का गांव में ही खंडहर मकान है जिसमें एक मादा तेंदूए ने तीन शावकों को जन्म दिया है। बताया जा रहा है कि मादा तेंदुए ने लगभग आठ दिन पूर्व इन शावकों को जन्म दिया है। इस मादा तेंदूए की गांव में कई दिनों से दहशत है। मादा तेंदूए ने कई लोगों के मवेशियों को अपना शिकार बनाया है। प्राप्त जानकारी अनुसार सोमवार 5 अगस्त को जब कुछ लोग मॉर्निग वॉक पर निकले तो उन्होंने डिमदेव के खंडहर मकान में से मादा तेंदूए को निकलते हुए देखा। लोग कौतुहलवश उसक मकान के पास पहुंचे और देखा तो तीन शावक वहां मौजूद थे। लोगों को समझते देर नहीं लगी कि मादा तेंदूए ने यहां अपने बच्चों को जन्म दिया है।

इसकी सूचना सरपंच कमलाकर ठवरे को दी गई उन्होंने वन विभाग नागभीड़ को सूचित किया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और वहां सुरक्षा के इंतजाम कर निगरानी रख रही है। लोगों को मकान के आसपास भटकने से मना कर दिया गया है। एकदम गांव में ही मादा तेंदूए द्वारा शावकों को जन्म दिए जाने से लोगों में अब डर और बढ़ गया है।

अंधेरे में करती है शिकार

इससे पूर्व इसी मादा तेंदूए ने 15 दिनों के भीतर कई मवेशियों को अपना शिकार बनाया है। मादा तेंदूआ रात के अंधेरे में आकर घरों के पास बनी गोशालाओं में से बकरियां, गाय, बैल का शिकार करती आ रही थी। इसमें माता तेंदूए ने लोकेश ठवरे, काशीनाथ तरोणे, दिलीप सोनकर, शंकर वाटकर, मंगेश गोंगल आदि के जानवरों का शिकार किया था। वन विभाग ने ग्रामीणों को से अपील की है कि मादा तेंदूए ने यहां शावकों को जन्म दिया है तो वह गांव में जानवरों पर हमला कर सकती है। ऐसे में कोई व्यक्ति मकान के आसपास भटक जाए तो उस पर हमला हो सकता है। इसलिए मकान पास न जाए और सावधानी बरते।

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