पालकमंत्री अशोक उइके ने सरकार से की चंद्रपुर जिले का बजट बढ़ाने की मांग, जिला योजना समिति की बैठक में हुआ निर्णय

चंद्रपुर जिले के विकास के लिए राज्य सरकार ने आगामी वर्ष के लिए 340 करोड़ की राशि के परिव्यय को मंजूरी दी है। लेकिन जिला नियोजन एवं विकास समिति की बैठक में इसमें वृद्धि करने का प्रस्ताव सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया..
पालकमंत्री अशोक उइके ने सरकार से की चंद्रपुर जिले का बजट बढ़ाने की मांग, जिला योजना समिति की बैठक में हुआ निर्णय
चंद्रपुर जिले के पालकमंत्री अशोक उइके (सोर्स: सोशल मीडिया)
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चंद्रपुर: चंद्रपुर जिले के विकास के लिए राज्य सरकार ने आगामी वर्ष के लिए यूं तो 340 करोड़ की धनराशि के परिव्यय को मंजूरी दी है, लेकिन जिला नियोजन एवं विकास समिति की बैठक में इसमें वृद्धि कर 940 करोड़ रुपये मंजूर करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया।

बैठक में चंद्रपुर जिले के पालकमंत्री डॉ. अशोक उईके ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि जिला विकास के लिए वे निधि की कमी महसूस नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए चंद्रपुर जिले के लिए 340 करोड़ 88 लाख रुपये के परिव्यय को मंजूरी दी है।

लेकिन सामान्य जिला वार्षिक योजना के 640 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत 100 करोड़ रुपये व अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत 200 करोड़ रुपये ऐसे कुल 940 करोड़ रुपये की वृद्धि का प्रस्ताव राज्य स्तरीय बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा।

बैठक में विधायक सुधाकर अड़बाले, सुधीर मुनगंटीवार, किशोर जोरगेवार, देवराव भोंगले, करण देवतले, विजय वडेट्टीवार सहित जिलाधिकारी विनय गौड़ा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी विवेक जॉनसन, जिला पुलिस अधीक्षक मुम्मका सुदर्शन, प्रभारी मुख्य वन संरक्षक पीयूषा जगताप, जिला योजना अधिकारी संजय कडू और विभिन्न एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित थे।

जानिए किस विभाग के लिए कितनी निधि आरक्षित

बताया गया कि जिले के कुल व्यय का 3 प्रतिशत महिला एवं बाल कल्याण विभाग के लिए, 5 प्रतिशत गतिशील प्रशासन, 5 प्रतिशत शिक्षा, 3 प्रतिशत पर्यटन एवं किलों के लिए, 3 प्रतिशत गृह विभाग के लिए व निरंतर विकास लक्ष्यों के लिए 1 प्रतिशत निधि आरक्षित रखने का प्रावधान किया गया है।

अनुसूचित जनजातीय योजना के लिए 111 करोड़ रुपये की राशि

पालकमंत्री डॉ. अशोक उईके ने कहा कि राज्य सरकार ने चंद्रपुर जिले के लिए सामान्य जिला वार्षिक योजना की अधिकतम वित्तीय सीमा 340 करोड़ 88 लाख रुपए निर्धारित की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले की कार्यकारी एजेंसियों की कुल मांग 1059 करोड़ रुपये की है।

पालकमंत्री ने बताया कि अनुसूचित जाति योजना के लिए 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 640 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति योजना के लिए 75 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 100 करोड़ रुपये व अनुसूचित जनजातीय योजना के लिए 111 करोड़ रुपये की राशि में 89 करोड़ की वृद्धि कर उसे 200 करोड़ रुपये किया है, जिससे कुल 940 करोड़ रुपये हो गए।

अनुपस्थित रहे अधिकारियों कारण बताओ नोटिस

पालकमंत्री उइके ने जिला योजना समिति की बैठक में बिना अनुमति के अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को लेकर नाराजगी जताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला योजना समिति के माध्यम से पूर्व मालगुजारी तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए अलग से धनराशि उपलब्ध कराने के सरकारी निर्णय को बदलने का प्रयास किया जाएगा।

कई गांवों में कब्रिस्तान शेड या कब्रिस्तान तक पहुंच मार्ग नहीं हैं, इसलिए इन कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी और इनके लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। हर घर जल योजना का कार्य शीघ्र पूरा करने, महावितरण कंपनी को जहां भी मांग है, वहां ट्रांसफार्मर उपलब्ध करने के निर्देश दिए।

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