

Five Chandrapur Youths Drowning Case: सोमवार का दिन घुग्घुस शहर के लिए ऐसा काला दिन बनकर आया, जिसे शायद ही कोई कभी भूल पाए। इंदिरा नगर के पांच जिगरी दोस्त घर से हंसी-खुशी निकले थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी जिंदगी की आखिरी यात्रा साबित होगी। वर्धा नदी के बेलोरा घाट पर नहाने गए पांचों युवक नदी की गहराइयों में समा गए और देखते ही देखते पांच परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए उजड़ गई।
इस दर्दनाक हादसे में तन्मय पाथड़े (17), सनी असमपेली (18), समय सोनटक्के (17), रोहित बोबड़े (19) और नकुल केलजलकर (18) की मौत हो गई। पांचों दोस्त सोमवार दोपहर घर से निकले थे। उन्होंने अपने परिजनों को नदी जाने की जानकारी भी नहीं दी थी। शाम तक घर वापस न लौटने पर परिवार वालों की चिंता बढ़ने लगी। मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन सभी फोन बंद मिले।
मंगलवार सुबह सूरज उगते ही फिर खोजबीन शुरू हुई। सुबह लगभग सात बजे वर्धा नदी के इंटेक वेल के पास सबसे पहले तन्मय पाथड़े का शव पानी की सतह पर दिखाई दिया। इसके करीब दो घंटे बाद नकुल केलजलकर और सनी असमपेली के शव भी उसी क्षेत्र से बरामद किए गए। कुछ देर बाद रोहित बोबड़े का शव मिला और अंततः दोपहर करीब तीन बजे समय सोनटक्के का शव भी खोजी दल ने ढूंढ निकाला।
पांचों दोस्तों के शव इंटेक वेल के आसपास ही मिले। एक साथ पांच युवाओं की मौत की खबर फैलते ही पूरे घुग्घुस में शोक की लहर दौड़ गई। इंदिरा नगर का हर घर गम में डूबा नजर आया। इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे घुग्घुस को झकझोर कर रख दिया है।
परिजनों ने अपने स्तर पर खोजबीन शुरू की। इसी दौरान कुछ लोगों ने बताया कि लड़कों को वर्धा नदी की ओर जाते हुए देखा गया था। यह जानकारी मिलते ही परिवार के लोग और स्थानीय नागरिक बेलोरा घाट पहुंचे। वहां का दृश्य देखकर सबके पैरों तले जमीन खिसक गई।
घाट किनारे पांचों युवकों के कपड़े, मोबाइल फोन और चप्पलें पड़ी थीं। अनहोनी की आशंका से परिजन बदहवास हो गए और कई लोग वहीं फूट-फूटकर रोने लगे। घटना की सूचना मिलते ही घुग्घुस पुलिस मौके पर पहुंची और चंद्रपुर से बोट तथा खोजी दल को बुलाकर रात में ही तलाश अभियान शुरू किया गया। लेकिन अंधेरा और नदी की परिस्थितियों के कारण अभियान रोकना पड़ा।