चंद्रपुर में कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई: 22 लाख रुपये के संदिग्ध नकली कपास बीज जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार

Chandrapur Fake Seeds: चंद्रपुर के वरोरा में कृषि विभाग ने 22.52 लाख रुपये के संदिग्ध नकली कपास बीज जब्त किए। खरीफ सीजन के मद्देनजर विभाग ने किसानों से पक्का बिल लेने की अपील की है।
arora agriculture department seized suspect fake cotton seeds worth Rs 22 lakh in Chandrapur. Two suspects from Nagpur were detained as Kharif preps intensify.
कपास डिजाइन फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Chandrapur Fake Cotton Seeds: वरोरा कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 22 लाख रुपये कीमत के कपास के संदिग्ध नकली बीज जब्त करने का दावा किया है। यह बीज मारेगांव की ओर ले जाए जा रहे थे। इस कार्रवाई में करीब 22 लाख 52 हजार रुपये मूल्य के बीज जब्त किए गए हैं। वाहन सहित कुल 28 लाख 52 हजार 500 रुपये का माल पुलिस ने कब्जे में लिया गया है। मामले में दो लोगों को वरोरा पुलिस के हवाले किया गया है।

यह कार्रवाई सोमवार रात की गई। कृषि विभाग को सूचना मिली थी कि एमएच 49 एआर 9622 क्रमांक के वाहन से नागपुर से मारेगांव की ओर संदिग्ध कपास बीज की ढुलाई की जा रही है। सूचना के आधार पर वरोरा-वणी रोड स्थित वरोरा नगर परिषद के कचरा डिपो के पास वाहन को रोककर जांच की गई। जांच के दौरान वाहन में 50 प्लास्टिक की बोरियों में भरे 22 हजार 500 पैकेट कपास बीज पाए गए।

इस मामले में इस्माईल कबीर खान निवासी नागपुर तथा परमानंद प्रेमानंद डाखरे निवासी टाकली को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई अभियान अधिकारी लकेश कटरे, जिला गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक श्रावण बोढे, तहसील कृषि अधिकारी रवी राठौड़, पंचायत समिति कृषि अधिकारी गजानन हटवार तथा तहसील गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारी मारोती वरभे ने संयुक्त रूप से की।

खरीफ सीजन की तैयारियां तेज

चंद्रपुर जिले में इन दिनों खरीफ सीजन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। किसान कपास की बुआई के लिए बीज खरीदने बाजारों में पहुंच रहे हैं। खेतों की जुताई, नांगराई और खाद प्रबंधन का काम भी तेजी से जारी है। कृषि विभाग ने किसानों से केवल प्रमाणित बीजों का उपयोग करने की अपील की है।

साथ ही रासायनिक खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए किसानों का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है, जिसके लिए बड़ी संख्या में किसान पंजीकरण करा चुके हैं। संदिग्ध बीजों के कारण किसानों के साथ धोखाधड़ी की आशंका को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को केवल अधिकृत कृषि केंद्रों से ही बीज खरीदने तथा खरीद का पक्का बिल लेने की सलाह दी है।

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