लगातार दूसरे दिन ठप पड़ा एकोना माईन से कोल परिवहन, प्रकल्प पीड़ितों के साथ शिवसेना का ठिया आंदोलन

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वरोरा. तालुका के एकोना स्थित ओपन कास्ट के लिए किसानों की कृषि भूमि का अधिग्रहण करते समय, अधिकारियों ने अपने पद दुरुपयोग किया और किसानों के साथ-साथ स्थानीय बेरोजगारों को भी धोखा दिया. इसी का नतीजा है कि शिवसेना जिलाध्यक्ष मुकेश जीवतोड़े आक्रामक हो गए हैं और इस अन्याय के खिलाफ 8 मार्च से एकोना ओपन कास्ट में हड़ताल शुरू कर दी है. जिससे आज दूसरे दिन एकोना माईंस से कोल परिवहन पूरी तरह से ठप पडा है.

सिंचाईयुक्त जमीन को वेकोलि ने बताया गैर सिंचिंत

वरोरा तालुका में एकोना वेकोलि माजरी क्षेत्र के अंतर्गत एकोना ओपन कास्ट माइन है. यहां कुल 927 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण दिसंबर 2021 में पूरा हुआ था. जनवरी 2021 में परियोजना प्रभावित किसानों के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे. वेकोलि ने  एकोना, मार्डा, वनोजा, चारूरखटी, नायदेव रिट और नागाला रिट में कुल 927 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया. जिसमें से किसानों को मुआवजा दिया गया किंतु अनेकों की जमीन सिंचाई सुविधा युक्त होने के बाजवूद उन्हे मुआवजा गैर सिंचित जमीन के रेट से दिया गया है.

सातबारा, नमूना आठ, सिंचाईयुक्त जमीन के रुप में राजस्व विभाग में दर्ज होने के बावजूद कंपनी ने गैर सिंचित जमीन बताकर किसानों को प्रति एकड दो लाख रुपए कम देकर जबरन समझौता कर मुआवजा दिया है. किसानों की सिंचाई युक्त जमीन को सूखी जमीन बताकर किसानों के साथ धोखाधडी कर उनका आर्थिक नुकसान किया गया है. वेकोलि अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों के साथ यह धोखाधडी का आरोप शिवसेना जिला प्रमुख मुकेश जीवतोडे ने प्रकल्प पीडित परिवार के साथ  ठिया आंदोलन शुरु किया है.

वेकोलि ने पूरा नहीं किया आश्वासन

 इसके पूर्व प्रकल्प पीडितों ने आंदोलन किया था, आंदोलन को देखते हुए 1 जनवरी 2022 से सभी प्रकलप पीडितों को नौकरी का लिखित आश्वासन वेकोलि के अधिकारियों ने दिया था. किंतु आज तक प्रकल्प पीडितों को नौकरी में समाविष्ट नहीं किया गया है. इसलिए जब तक प्रकल्प पीडितों को न्याय नहीं मिलता आंदोलन शुरु रखने की चेतावनी शिवसेना ने दी है.

एसडीओ ने नहीं दिया ध्यान

4 मार्च को एसडीओ सुभाष शिंदे को निवेदन सौंपकर किसान, खेतिहर मजदूर और बेरोजगारों पर हो रहे अन्याय को दूर करने की मांग की थी. मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी. किंतु निवेदन पर ध्यान न दिए जाने से 8 मार्च से आंदोलन शुरु किया है. ठिया आंदोलन में तहसील संगठक मनिष जेठानी, शहर प्रमुख संदीप मेश्राम, भद्रावती शहर प्रमुख तथा नगरसेवक नंदू पढाल, सागर पिंपलशेंडे, लक्षमण ठेंगणे, विपीन काकडे, नगरसेवक दिनेश यादव, नगरसेवक राजू सारगंधर, गजु पंधरें, मनीष दोहतरे, गणेश चिडे, आलेख रठ्ठे, भूषण बुरेले, महेश जीवतोडे, प्रज्वल जानवे, महिला संगठिका तथा नगरसेविका मीनल आत्राम, कीर्ती पांडे, शहर संगठिका टेकाम, अल्का पचारे के साथ शिवसैनिक, युवासैनिक, प्रकल्प पीडित परिवार शामिल है. पुलिस ने सुरक्षा के तगडे बंदोबस्त कर रखे है.

चर्चा में नहीं निकला कोई हल

इस बीच एकोना खान व्यवस्थापक वी.के. गुप्ता ने आंदोलनकारियों से चर्चा की. किंतु चर्चा का कोई हल न निकलने से आंदोलन शुरु रखने की चेतावनी शिवसेना ने दी है. इसके बाद पुलिस ने मध्यस्ता करते हुए शिवसेना जिला प्रमुख मुकेश जीवतोडे और कुछ शिवसेना पदाधिकारी, प्रकल्प पीडित किसानों को हल निकालने थाने ले गए. जहां बुधवार तडके 3 बजे चर्चा का नतीजा नहीं निकल सका. इसलिए आज दूसरे दिन आंदोलनकारियों ने एकोना माईन कार्यालय के सामने ठिया आंदोलन शुरु रखा है. इस दौरान वेकोलि का कोल परिवहन ठप पडा होने से कंपनी का भारी नुकसान हो रहा है.

मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे समस्या-जीवतोडे

 वेकोलि एकोना कोयला खान प्रकल्प पीडितों पर हो रहे अन्याय और भ्रष्टाचार की जानकारी मुंबई जाकर शिवसेना नेता तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे के सामने रखकर प्रकल्प पीडितों को न्याय दिलाने का आश्वासन जीवतोडे ने दिया है.

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